Delhi NCR New Expressway: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रहने वाले लोगों को जल्द ही घंटों लंबे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से बड़ी राहत मिलने वाली है. केंद्र सरकार एनसीआर में यातायात को रफ्तार देने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. इसके तहत अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) के पूर्वी विस्तार के रूप में करीब 65 किलोमीटर लंबे एक नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा. लगभग 7,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाला यह नया कॉरिडोर दिल्ली के लिए एक ‘ईस्टर्न बाईपास’ की तरह काम करेगा, जिससे राजधानी की अंदरूनी सड़कों पर वाहनों का दबाव बेहद कम हो जाएगा.
मुरादाबाद को जाम से मिलेगी मुक्ति, जुलाई से सरपट दौड़ेंगे वाहन, रिंग रोड का 85% काम पूरा
इसी साल के अंत तक शुरू हो सकता है निर्माण
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में दिल्ली-मुंबई एक्सेस कंट्रोल लिंक के निरीक्षण के दौरान साफ किया कि दिल्ली को जाम और प्रदूषण से मुक्त करने के लिए बड़े स्तर पर सड़क नेटवर्क का जाल बिछाया जा रहा है. विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है और विभिन्न एजेंसियों के बीच एलाइनमेंट को लेकर अंतिम दौर की चर्चा जारी है. माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक धरातल पर इसका निर्माण कार्य शुरू हो सकता है.
पांच बड़े एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा यह ‘महा-कनेक्शन’
यह कॉरिडोर ट्रोनिका सिटी के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से शुरू होगा. लोनी, बागपत, खेकड़ा और नोएडा होते हुए यह सीधे फरीदाबाद तक पहुंचेगा. यह रूट दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईवे और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ेगा. उत्तर भारत (उत्तराखंड, मेरठ, बागपत आदि) से आने वाले जिन वाहनों को नोएडा, फरीदाबाद या आगरा की तरफ जाना है, उन्हें दिल्ली की सीमा के भीतर घुसने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. वे बाहरी हिस्सों से ही सीधे अपनी मंजिल पर पहुंच सकेंगे.
दिल्ली के इन ‘चोक पॉइंट्स’ को मिलेगी बड़ी राहत
वर्तमान में दिल्ली की रिंग रोड और आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है. खासकर पीक आवर्स में आश्रम, मोदी मिल फ्लाईओवर, सराय काले खां और कालिंदी कुंज जैसे इलाके गंभीर रूप से जाम की चपेट में रहते हैं. नया ईस्टर्न बाईपास इन रास्तों पर आने वाले भारी वाहनों और एक्सप्रेसवे ट्रैफिक को पहले ही डायवर्ट कर देगा, जिससे दिल्ली के अंदरूनी चोक पॉइंट्स पूरी तरह अनलॉक हो जाएंगे.
UP में बिजली का दोहरा झटका, जून से 10% महंगा होगा बिल, अघोषित कटौती से जनता में भारी नाराजगी
घंटों का सफर अब मिनटों में, रियल एस्टेट और उद्योगों को लगेंगे पंख
वर्तमान में फरीदाबाद से गाजियाबाद या नोएडा आने-जाने में लोगों को कई घंटे खपाने पड़ते हैं. इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह सफर घटकर महज 20 से 30 मिनट का रह जाएगा. इस कनेक्टिविटी से लोनी, बागपत और जेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक) जैसे क्षेत्रों में उद्योगों और रियल एस्टेट सेक्टर को भारी बढ़ावा मिलेगा. यह परियोजना केंद्र और दिल्ली सरकार द्वारा एनसीआर में चलाए जा रहे कुल 27 हजार करोड़ रुपये के व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्यक्रम का एक बेहद अहम हिस्सा है.


