Weather Update 20 July 2026: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी रहेंगी. इस दौरान उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है.
IMD के अनुसार लगातार सक्रिय मानसून के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा मैदानी इलाकों में जलभराव जैसी स्थितियां बन सकती हैं. ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.
अगले 6-7 दिनों का मौसम कैसा रहेगा
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी. इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर व्यापक बारिश दर्ज होने की संभावना है. दूसरी ओर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, गुजरात, मध्य भारत और दक्षिण भारत में वर्षा होगी, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में इसकी तीव्रता उत्तर भारत की तुलना में कम रहने का अनुमान है.
किन राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का सबसे ज्यादा खतरा
| राज्य/क्षेत्र | संभावित स्थिति |
|---|---|
| उत्तराखंड | 20 जुलाई तक भारी से बहुत भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश |
| जम्मू-कश्मीर | 20 से 22 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश |
| हिमाचल प्रदेश | 20 और 21 जुलाई को भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश |
| मेघालय | 19 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की संभावना |
| उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम | 19 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट |
उत्तर-पश्चिम भारत का मौसम
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में 25 जुलाई तक व्यापक बारिश का दौर जारी रह सकता है. उत्तराखंड में 20 जुलाई तक अत्यंत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. जम्मू-कश्मीर में 20 से 22 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. हिमाचल प्रदेश में 20 और 21 जुलाई सबसे अधिक संवेदनशील दिन माने जा रहे हैं.
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 20 से 23 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होने की संभावना है. कई स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज हो सकती है. पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 जुलाई तक व्यापक बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है. 23 से 25 जुलाई के दौरान भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी.
राजस्थान में भी बारिश का दायरा बढ़ेगा. पूर्वी राजस्थान में 20 से 25 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 21 से 24 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है. पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और तेज हवा की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं.
मध्य भारत में कहां होगी ज्यादा बारिश
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20, 22 और 23 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है.
छत्तीसगढ़ में 20 से 23 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है. विदर्भ क्षेत्र में भी 22 और 23 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है. मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में गरज-चमक तथा 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का भी पूर्वानुमान है.
पूर्वी भारत में बारिश का पूर्वानुमान
बिहार में 21 से 24 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है. झारखंड में 20 और 21 जुलाई तक कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है. गंगीय पश्चिम बंगाल में 21 और 22 जुलाई को भारी वर्षा का अनुमान है.
ओडिशा में 20 से 22 जुलाई तक कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. बिहार में गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां भी बनी रह सकती हैं.
पूर्वोत्तर भारत में मानसून रहेगा बेहद सक्रिय
पूर्वोत्तर भारत में अगले पूरे सप्ताह मानसून सक्रिय रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा का अनुमान है.
मेघालय में अत्यधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 20 से 25 जुलाई के दौरान भारी वर्षा हो सकती है.
पश्चिम भारत में कैसी रहेगी स्थिति
कोंकण और गोवा में 25 जुलाई तक अच्छी बारिश जारी रहने का अनुमान है. गुजरात क्षेत्र में 19 से 25 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र में 20 से 23 जुलाई के बीच भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है.
सौराष्ट्र एवं कच्छ में भी कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहेगा, हालांकि पश्चिम-मध्य भारत में कुल मिलाकर बारिश की गतिविधियां उत्तर भारत की तुलना में अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है.
दक्षिण भारत का मौसम
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले सात दिनों के दौरान बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. इसके बावजूद केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है.
केरल और माहे में 20 जुलाई तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक तथा आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी स्थानीय स्तर पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है.
गरज-चमक और तेज हवाओं का भी अलर्ट
बारिश के साथ कई राज्यों में आंधी, बिजली गिरने और तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है.
| राज्य | संभावित स्थिति |
|---|---|
| जम्मू-कश्मीर | 40-60 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा, गरज-चमक |
| राजस्थान | 30-50 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा |
| मध्य प्रदेश | गरज-चमक और 30-50 किमी प्रति घंटे की हवा |
| बिहार | गरज-चमक की संभावना |
| ओडिशा | 40-60 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा |
| कर्नाटक, तेलंगाना, रायलसीमा | गरज-चमक और तेज हवाएं |
लोगों पर क्या असर पड़ सकता है
लगातार भारी बारिश के कारण पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. शहरी क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है. किसानों को खेतों में जलनिकासी का विशेष ध्यान रखना होगा. बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना रहेगा, इसलिए खुले मैदानों में अनावश्यक रूप से रुकना सुरक्षित नहीं होगा.
मौसम विभाग की सलाह और जरूरी सावधानियां
- भारी बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाकर रखें.
- पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी जरूर लें.
- बिजली चमकने के समय पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में खड़े न रहें.
- मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें.
- वाहन चलाते समय पानी से भरी सड़कों पर सावधानी बरतें.
- मोबाइल में मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखें.
- स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें.
एक नजर में प्रमुख मौसम अपडेट
| क्षेत्र | 20 जुलाई से स्थिति |
|---|---|
| उत्तराखंड | अत्यंत भारी बारिश का खतरा |
| जम्मू-कश्मीर | 20-22 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश |
| हिमाचल प्रदेश | 20-21 जुलाई को बहुत भारी बारिश |
| उत्तर प्रदेश | कई जिलों में भारी बारिश |
| दिल्ली-हरियाणा-पंजाब | 20-23 जुलाई के दौरान सक्रिय मानसून |
| बिहार | 21-24 जुलाई के बीच भारी बारिश |
| छत्तीसगढ़ | 20-23 जुलाई तक भारी बारिश |
| पूर्वोत्तर भारत | पूरे सप्ताह सक्रिय मानसून |
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन और मौसम संबंधी चेतावनी.
हिमाचल में 22 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, सरकार हाई अलर्ट पर
FAQs
1. 20 जुलाई से किन राज्यों में सबसे ज्यादा बारिश होने की संभावना है?
उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर भारत तथा पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
2. क्या दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश बढ़ेगी?
हां. IMD के अनुसार 20 से 23 जुलाई के बीच दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में मानसून सक्रिय रहेगा और कई स्थानों पर अच्छी बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा भी हो सकती है.
3. क्या पहाड़ी इलाकों की यात्रा करना सुरक्षित रहेगा?
यदि यात्रा आवश्यक हो तो निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह जरूर देखें. भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बढ़ सकता है.
4. किन राज्यों में बारिश अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है?
पश्चिम-मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है, हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर भारी बारिश हो सकती है.
5. मौसम विभाग की सबसे महत्वपूर्ण सलाह क्या है?
भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.


