लद्दाख: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. इन परियोजनाओं में 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क और लेह एयरपोर्ट की नई यात्री टर्मिनल बिल्डिंग प्रमुख हैं. इनसे क्षेत्र में सड़क और हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ बिजली व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
12 घंटे का सफर अब महज 3 घंटे में
प्रधानमंत्री ने निम्मू-पदुम-दारचा सड़क को देश को समर्पित करते हुए कहा कि इसके निर्माण पर करीब 2,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इस सड़क से जिस यात्रा को पूरा करने में पहले लगभग 12 घंटे लगते थे, उसे अब करीब तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा. इससे कारोबार और व्यापार को भी मदद मिलेगी.
सीमा सड़क संगठन (BRO) ने इस सड़क का निर्माण किया है. यह लेह के निम्मू को जांस्कर घाटी के रास्ते हिमाचल प्रदेश के दारचा से जोड़ती है. श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह हाईवे के अलावा यह एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराती है.
हिमालय के दुर्गम भूभाग और शिनकुन ला दर्रे से गुजरने वाली यह सड़क सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. इसके चालू होने से सशस्त्र बलों की आवाजाही और जरूरी सामान की आपूर्ति आसान हो सकती है. साथ ही, जांस्कर घाटी के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाजार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी.
640 करोड़ से तैयार हुआ लेह एयरपोर्ट का नया टर्मिनल
प्रधानमंत्री ने लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोची एयरपोर्ट की नई यात्री टर्मिनल बिल्डिंग का भी उद्घाटन किया. करीब 640 करोड़ रुपये की लागत से बने इस टर्मिनल का क्षेत्रफल लगभग 23,800 वर्ग मीटर है. इसे सालाना 35 लाख यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. नई इमारत में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी. ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए इसमें जियोथर्मल एनर्जी का इस्तेमाल किया गया है.
बिजली आपूर्ति मजबूत करेंगी नई परियोजनाएं
लद्दाख में बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने 9 मेगावाट क्षमता वाली हनु लघु जलविद्युत परियोजना और 66 किलोवोल्ट की डबल-सर्किट दाह-हनु-खालत्सी ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन किया. इन परियोजनाओं का उद्देश्य बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और विद्युत नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाना है. जलविद्युत संसाधनों के इस्तेमाल से क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल सकता है.
परिवहन से लेकर जल सुरक्षा तक पर जोर
करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाओं का उद्देश्य लद्दाख में परिवहन, ऊर्जा, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाना है. दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस क्षेत्र में बेहतर सड़क और हवाई संपर्क स्थानीय लोगों के साथ-साथ सामरिक जरूरतों के लिए भी अहम है.
इन परियोजनाओं से लद्दाख में आवागमन सुगम होने, बिजली व्यवस्था मजबूत होने और लोगों की जरूरी सेवाओं तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है.


