Lucknow-Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को कानपुर शहर से सीधे जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है. अभी एक्सप्रेसवे उन्नाव के रास्ते कानपुर की सीमा से जुड़ता है, जिसके बाद जाजमऊ होते हुए शहर में प्रवेश करना पड़ता है. इस वजह से एक्सप्रेसवे पर तेज सफर के बावजूद कानपुर पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है. अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस समस्या के समाधान के लिए वैकल्पिक सीधे कनेक्शन की तलाश कर रहा है.
इसके लिए निजी कंपनी से सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे रिपोर्ट आने के बाद संभावित रूट, डीपीआर और अन्य तकनीकी पहलुओं पर आगे फैसला लिया जाएगा.
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अभी एक्सप्रेसवे के बाद भी लग रहा जाम
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर करीब दो महीने पहले जुलाई में ट्रैफिक शुरू हुआ था. शुरुआत में एक लेन से रोजाना करीब 13 से 14 हजार वाहन गुजर रहे हैं. एक्सप्रेसवे की वजह से लखनऊ से करीब 63 किलोमीटर का सफर लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है.
हालांकि, इसके बाद कानपुर की तरफ बढ़ते ही जाम की समस्या सामने आ जाती है. खासकर जाजमऊ और मौजूदा हाईवे पर ट्रैफिक दबाव के कारण एक्सप्रेसवे से मिलने वाली समय की बचत काफी हद तक कम हो जाती है.
आउटर रिंग रोड के बजाय तलाशा जा रहा दूसरा रास्ता
कानपुर के ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए आउटर रिंग रोड का निर्माण भी चल रहा है. एक्सप्रेसवे को आउटर रिंग रोड से जोड़ने का प्रस्ताव पहले सामने आया था.लेकिन NHAI अधिकारियों का मानना है कि अगले 30 वर्षों के संभावित ट्रैफिक लोड को देखते हुए केवल आउटर रिंग रोड पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा. इसलिए एक्सप्रेसवे को कानपुर से जोड़ने के लिए अलग और वैकल्पिक मार्ग की तलाश की जा रही है.
पूर्वी हिस्से से निकलेगा संभावित वैकल्पिक रूट
प्रारंभिक स्तर पर NHAI की ओर से कानपुर के पूर्वी हिस्से की तरफ वैकल्पिक कनेक्टिविटी की संभावना पर काम किया जा रहा है. प्रस्तावित मार्ग को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से प्रयागराज छह लेन हाईवे तक जोड़ने पर विचार किया जा रहा है.
संभावित रूट गंगा पर बने पुल को पार करते हुए चकेरी और सरसौल के बीच से गुजरकर प्रयागराज हाईवे से जुड़ सकता है. इस क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण की संभावनाओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है.
गंगा पर पुल भी बनाना पड़ सकता है
कानपुर के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से में पहले से बड़ी संख्या में आवासीय क्षेत्र विकसित हो चुके हैं. ऐसे में उस दिशा में सीधी कनेक्टिविटी तैयार करने के लिए गंगा पर नए पुल की जरूरत पड़ सकती है.इसी वजह से पूर्वी हिस्से से वैकल्पिक रोड निकालने के विकल्प का सर्वे कराया जा रहा है. नए मार्ग के बनने से एक्सप्रेसवे से कानपुर पहुंचने के लिए एक से अधिक कनेक्टिविटी विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे.
सर्वे के बाद बनेगी आगे की योजना
NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल के मुताबिक, एक्सप्रेसवे को कानपुर से जोड़ने के लिए पूर्वी दिशा में सर्वे कराया जा रहा है. निजी कंपनी को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है.सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद रूट की व्यवहार्यता, भूमि अधिग्रहण, लागत और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा. इसके बाद डीपीआर तैयार करने समेत आगे की प्रक्रिया शुरू होगी.
अगर प्रस्तावित सीधा कनेक्शन विकसित होता है तो लखनऊ से आने वाले वाहन चालकों को कानपुर शहर तक पहुंचने के लिए मौजूदा जाम वाले हिस्सों पर निर्भरता कम हो सकती है. इससे भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को संभालने के लिए भी एक अतिरिक्त विकल्प तैयार होगा.


