MP Weather Update 20 July 2026: मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा किसान मौसम बुलेटिन के अनुसार 20 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ जिलों में भारी वर्षा की भी चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने नागरिकों के साथ-साथ किसानों को भी मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है.
मध्य प्रदेश में मौसम की मौजूदा स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश सहित उत्तर भारत और मध्य भारत में सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं. मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, रोहतक, हरदोई, वाराणसी, रांची और सागर द्वीप होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश, दक्षिण ओडिशा, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं. इन्हीं मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है.
हिमाचल में 22 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, सरकार हाई अलर्ट पर
कहां कैसी बारिश की संभावना
| पूर्वानुमान | जिले |
|---|---|
| कहीं-कहीं बारिश | भोपाल, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर |
| कुछ स्थानों पर बारिश | विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुरकलां, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा |
| अनेक स्थानों पर बारिश | दतिया, भिंड, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी |
| अधिकांश स्थानों पर बारिश | सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, पन्ना, छतरपुर, मैहर |
| मौसम शुष्क रहने की संभावना | खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच |
इन जिलों में वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक, वज्रपात तथा 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है.
वहीं रीवा, छतरपुर और मैहर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है.
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें और फसलों में अनावश्यक सिंचाई से बचें. तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए सब्जी एवं फलदार पौधों को सहारा दें. कीटनाशक या पौध संरक्षण रसायनों का छिड़काव फिलहाल टालें. पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और उनके लिए स्वच्छ पानी व पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करें. बिजली गिरने या आंधी के समय खुले खेतों में काम करने से बचें.
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों.
- तेज बारिश के समय जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें.
- बिजली कड़कने पर तुरंत सुरक्षित भवन के अंदर चले जाएं.
- मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा टालें.
- वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें.
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें.
मौसम का संभावित असर
20 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी रहेगी. जिन जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है वहां छोटे नालों और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है. किसानों के लिए यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन अत्यधिक पानी वाले क्षेत्रों में जल निकासी पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा.
स्रोत: यह मौसम अपडेट भारत मौसम विज्ञान विभाग.
FAQs
1. 20 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
मौसम विभाग के अनुसार रीवा, छतरपुर और मैहर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है.
2. क्या भोपाल और इंदौर में भी वज्रपात का खतरा है?
हां. भोपाल और इंदौर सहित कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है.
3. क्या पूरे मध्य प्रदेश में बारिश होगी?
नहीं. अधिकांश जिलों में अलग-अलग स्तर पर बारिश की संभावना है, जबकि खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, मंदसौर और नीमच में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है.
4. किसानों को इस मौसम में सबसे पहले क्या करना चाहिए?
खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें, रसायनों का छिड़काव टालें और पशुओं व फसलों को तेज हवा और बारिश से सुरक्षित रखें.
5. बिजली कड़कने के दौरान सबसे सुरक्षित उपाय क्या है?
तुरंत किसी पक्के भवन के अंदर चले जाएं. खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहें.


