Mumbai Hyderabad Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के बाद अब देश में बुलेट ट्रेन नेटवर्क को दक्षिण भारत तक विस्तार देने की तैयारी तेज हो गई है. प्रस्तावित मुंबई-पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई और हैदराबाद-बेंगलुरु हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दक्षिण भारत के कई बड़े शहरों को जोड़ेंगे. केंद्र सरकार ने 2026-27 के बजट में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की है, जिसमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु और हैदराबाद-चेन्नई जैसे कॉरिडोर शामिल हैं.
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मुंबई-हैदराबाद के बीच सफर होगा बेहद तेज
प्रस्तावित मुंबई-हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 767 किलोमीटर बताई जा रही है. यह मुंबई को पुणे और सोलापुर के रास्ते हैदराबाद से जोड़ने की योजना है. मौजूदा रेल यात्रा की तुलना में हाई-स्पीड ट्रेन से दोनों शहरों के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आने की उम्मीद है.
रेल मंत्रालय की ओर से पहले बताए गए प्रस्ताव के अनुसार पुणे-हैदराबाद के बीच हाई-स्पीड सफर करीब 1 घंटे 55 मिनट का हो सकता है. वहीं पुणे-मुंबई के बीच यात्रा करीब 48 मिनट में पूरी करने का अनुमान दिया गया है. मुंबई-हैदराबाद HSR की योजना अभी DPR और अलाइनमेंट से जुड़ी प्रक्रिया में है. मौजूदा प्रस्ताव में करीब 11 स्टेशन शामिल होने की जानकारी उपलब्ध है.
शमशाबाद बनेगा हाई-स्पीड रेल का बड़ा इंटरचेंज
तेलंगाना सरकार ने जुलाई 2026 में हैदराबाद-मुंबई, हैदराबाद-बेंगलुरु और हैदराबाद-चेन्नई तीनों प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के संशोधित अलाइनमेंट को मंजूरी दी थी. इसके साथ ही शमशाबाद के पास करीब 400 एकड़ जमीन साझा हाई-स्पीड रेल स्टेशन, रोलिंग स्टॉक डिपो और मेंटेनेंस वर्कशॉप के लिए आवंटित करने का फैसला किया गया. हालांकि इन अलाइनमेंट पर अंतिम फैसला NHSRCL को करना है. इससे शमशाबाद दक्षिण भारत के प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का अहम इंटरचेंज बन सकता है.
हैदराबाद-चेन्नई रूट में बड़ा बदलाव
हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के अलाइनमेंट में तेलंगाना सरकार की मांग के बाद बदलाव किया गया है. संशोधित प्रस्ताव में रूट को भारत फ्यूचर सिटी, प्रस्तावित ड्राई पोर्ट, हलिया और वाडपल्ली की तरफ ले जाने की योजना है. रिपोर्टों के मुताबिक तेलंगाना में कॉरिडोर की लंबाई पहले के करीब 236 किलोमीटर से घटकर लगभग 123 किलोमीटर प्रस्तावित की गई है.
आगे यह कॉरिडोर आंध्र प्रदेश में अमरावती और गुंटूर जैसे महत्वपूर्ण शहरों से होते हुए चेन्नई की ओर जाने का प्रस्ताव है. प्रस्तावित योजना में तिरुपति को भी शामिल किया गया है. करीब 760 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित कॉरिडोर पर 18 स्टेशन की योजना की जानकारी सामने आई है.
तीनों कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी
तेलंगाना सरकार ने हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को राज्य के प्रमुख आर्थिक और शहरी विकास क्षेत्रों से जोड़ने पर जोर दिया है. सरकार के मुताबिक हाई-स्पीड रेल से मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
केंद्र की ओर से जारी जानकारी में दक्षिण भारत के प्रस्तावित हाई-स्पीड नेटवर्क के लिए अमरावती-हैदराबाद करीब 70 मिनट, अमरावती-चेन्नई करीब 112 मिनट, हैदराबाद-पुणे करीब 1 घंटे 55 मिनट और हैदराबाद-बेंगलुरु करीब 2 घंटे 8 मिनट के संभावित यात्रा समय बताए गए हैं.
अभी निर्माण से पहले की प्रक्रिया
फिलहाल इन नए कॉरिडोरों के लिए अलाइनमेंट, सर्वे, DPR, जमीन अधिग्रहण और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं. तेलंगाना कैबिनेट द्वारा मंजूर संशोधित अलाइनमेंट NHSRCL को भेजे गए हैं और अंतिम अलाइनमेंट का निर्णय अभी NHSRCL के स्तर पर होना है. इसलिए फिलहाल इसे सीधे तौर पर ‘निर्माण शुरू’ या ‘रूट पूरी तरह फाइनल’ कहना जल्दबाजी होगी. लेकिन प्रस्तावित नेटवर्क पूरा होने पर मुंबई से लेकर हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु तक दक्षिण भारत में हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी का बड़ा नेटवर्क तैयार हो सकता है.
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