Rajasthan Weather Update: राजस्थान में एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर तेज होने जा रहा है. मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में 18 से 22 मई के बीच तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है. आइएमडी जयपुर के मुताबिक इन इलाकों में सतही हवाओं की रफ्तार 20 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है. तेज हवाओं के साथ बढ़ती गर्मी लोगों की परेशानियां और बढ़ा सकती है.
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने आगामी एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बने रहने का अनुमान जताया है. विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इसके चलते पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में भीषण गर्मी और हीटवेव जैसी स्थिति बनने की संभावना है.
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इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी का असर
मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और चूरू जिलों में अधिकतम तापमान फिर से 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इन इलाकों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को लू का सामना करना पड़ सकता है. विभाग ने इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं हीटवेव चलने की चेतावनी भी जारी की है.
वहीं जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग में भी तापमान बढ़ने की संभावना जताई गई है. हालांकि इन इलाकों में पश्चिमी राजस्थान जैसी तीव्र गर्मी नहीं रहेगी, लेकिन उमस और तेज धूप लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं.
अगले 4 दिन बारिश की संभावना नहीं
मौसम केंद्र के अनुसार फिलहाल प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है. आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने की आशंका जताई गई है. दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है.
गर्मी और हीटवेव के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है.
मानसून ने पकड़ी रफ्तार, समय से पहले पहुंचा अंडमान
इधर, दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर भी मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट जारी किया है. विभाग के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से पहले आगे बढ़ रहा है. शनिवार को मानसून दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर के कई हिस्सों, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और श्री विजयपुरम सहित अंडमान द्वीप समूह के कुछ क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है.
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून सामान्य से करीब छह दिन पहले अंडमान पहुंचा है, जो इसकी तेज रफ्तार को दर्शाता है. अगले 3 से 4 दिनों के दौरान मानसून के दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.
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26 मई तक केरल पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार यदि मानसून की मौजूदा गति बनी रहती है तो इसके 26 मई तक केरल तट पर पहुंचने की संभावना है. आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री समय से पहले हो सकती है.
राजस्थान में भी समय से पहले दस्तक दे सकता है मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि मानसून की यही रफ्तार बनी रही तो राजस्थान में भी मानसून तय समय से पहले पहुंच सकता है. सामान्य तौर पर राजस्थान में मानसून 25 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके 5 से 6 दिन पहले यानी 19 से 20 जून के आसपास दस्तक देने की संभावना जताई जा रही है. इससे प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
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