Rajasthan Weather: राजस्थान में मार्च के अंतिम दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. 26 मार्च से प्रदेश में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से कई जिलों में मौसम का मिजाज बदलेगा. मौसम विभाग ने अजमेर, सीकर और बारां सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में मेघगर्जन, हल्की बारिश और बूंदाबांदी के साथ 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.
मार्च महीने में राजस्थान का मौसम लगातार उतार-चढ़ाव भरा बना हुआ है. कुछ दिन पहले तक तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों को अप्रैल-मई जैसी गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया था. दिन के समय तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई, जिससे कई शहरों में गर्मी का असर स्पष्ट रूप से महसूस किया गया. इसी क्रम में बाड़मेर प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
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हालांकि, अब पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से इस गर्मी से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 26 मार्च से शुरू होने वाला यह बदलाव प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवाओं के रूप में देखने को मिलेगा. इससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को अस्थायी राहत मिल सकती है.
इतना ही नहीं, 28 से 31 मार्च के बीच एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है. इसके प्रभाव से आंधी और बारिश का दौर महीने के अंत तक जारी रह सकता है. इस दौरान कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं, जिससे मौसम सुहावना बना रह सकता है.
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च के आखिरी सप्ताह में होने वाली यह गतिविधियां अस्थायी रूप से राहत जरूर देंगी, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेंगी. जैसे ही 1 अप्रैल से मौसम सामान्य होगा, तापमान में फिर से तेजी से वृद्धि होने लगेगी. अप्रैल के शुरुआती दिनों में प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है.
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इस तरह मार्च के अंत में बदलता मौसम जहां एक ओर राहत लेकर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर आने वाले दिनों में तेज गर्मी की चेतावनी भी दे रहा है. इसलिए लोगों को फिलहाल मौसम के इस बदलाव का लाभ उठाते हुए आगे की गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत है.


