Chitrakoot Defence Corridor: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में अब विकास की नई कहानी लिखी जाने जा रही है. चित्रकूट में जल्द ही ‘मेक इन इंडिया’ की गूंज सुनाई देगी, जहां भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) 562.5 करोड़ रुपये की लागत से 75 एकड़ जमीन पर अत्याधुनिक डिफेंस फैक्ट्री स्थापित करने जा रही है.
इस फैक्ट्री में आधुनिक राडार, वायु रक्षा प्रणाली और अन्य हाईटेक रक्षा उपकरणों का निर्माण होगा. हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BEL के अध्यक्ष मनोज जैन को भूमि आवंटन पत्र सौंपकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दी.
चित्रकूट में 562 करोड़ की डिफेंस फैक्ट्री
इस परियोजना को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) द्वारा 562.5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा. यह फैक्ट्री करीब 75 एकड़ भूमि पर स्थापित होगी. बीईएल देश की प्रमुख रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है, जो आधुनिक तकनीकों के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाती है. इस निवेश से चित्रकूट को राष्ट्रीय रक्षा उत्पादन मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान मिलेगा. फैक्ट्री में अत्याधुनिक राडार, वायु रक्षा प्रणाली और अन्य रक्षा उपकरणों का निर्माण किया जाएगा.
इससे भारत की रक्षा क्षमता मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता कम होगी. साथ ही, यहां बनने वाले उपकरण भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे, जिससे देश की सुरक्षा प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत मिशन को बल मिलेगा.
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
योगी आदित्यनाथ ने बीईएल के अध्यक्ष मनोज जैन को भूमि आवंटन पत्र सौंपकर इस परियोजना की औपचारिक शुरुआत की. यह कदम राज्य सरकार की औद्योगिक नीति और निवेश को आकर्षित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश में बड़े उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो रहा है.
डिफेंस फैक्ट्री स्थापित होने से बुंदेलखंड क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे. स्थानीय लोगों को तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों प्रकार की नौकरियां मिलेंगी. इससे क्षेत्र में बेरोजगारी कम होगी और युवाओं को अपने ही जिले में काम करने का मौका मिलेगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा.
इस कॉरिडोर से बदलेगी पूरे जिले की तस्वीर
इस परियोजना से एक और बड़ा फायदा यह होगा कि युवाओं का पलायन रुकेगा. अभी तक रोजगार के लिए युवाओं को बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, लेकिन फैक्ट्री लगने के बाद उन्हें अपने क्षेत्र में ही अवसर मिलेंगे. इससे परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे और क्षेत्रीय विकास को संतुलित दिशा मिलेगी.
यह फैक्ट्री उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा है. कुल 200 हेक्टेयर भूमि में से 75 एकड़ बीईएल को आवंटित की गई है. भविष्य में यहां दो और रक्षा इकाइयों के स्थापित होने की संभावना है, जिससे यह क्षेत्र एक प्रमुख रक्षा निर्माण हब बन सकता है.
कब हुआ था इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा?
नरेंद्र मोदी ने 2019 में उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की घोषणा की थी. अब यह परियोजना जमीन पर उतर रही है. चित्रकूट में इस फैक्ट्री की स्थापना से राज्य और देश दोनों को आर्थिक, सामरिक और औद्योगिक स्तर पर बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.


