UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी भीषण और चिलचिलाती गर्मी के बीच शुक्रवार की शाम मौसम ने अचानक ऐसा यू-टर्न लिया कि लोगों को बड़ी राहत महसूस हुई. खासतौर पर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में, जो दिल्ली-एनसीआर से सटे हैं, तेज धूल भरी आंधी और झमाझम बारिश ने तपते मौसम को ठंडा कर दिया. दिनभर तेज धूप और बढ़ते तापमान से परेशान लोग जैसे ही शाम ढली, मौसम के इस बदलाव से राहत की सांस लेते नजर आए.
शुक्रवार शाम को गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ और बागपत जैसे जिलों में अचानक मौसम बदला. पहले काले बादल छाए और फिर तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई. इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे तापमान में तेजी से गिरावट आई और वातावरण में ठंडक घुल गई. इसका असर केवल इन जिलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अलीगढ़, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर जैसे इलाकों में भी देखने को मिला, जहां तेज हवाओं और हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को सुहाना बना दिया.
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मौसम में आए इस अचानक बदलाव के पीछे की वजह को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के विशेषज्ञों ने अहम जानकारी दी है. उनके अनुसार, मध्य और ऊपरी ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में एक सक्रिय और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है. इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन भी सक्रिय है, जिसे निचले स्तर से पर्याप्त नमी मिल रही है. यही कारण है कि उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी की स्थिति बनी.
हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी. यह एक अस्थायी दौर यानी “ट्रांजिएंट स्पेल” है, जो शनिवार से कमजोर पड़ने लगेगा और फिर से गर्मी का असर बढ़ सकता है.
अगर प्रमुख शहरों की बात करें तो गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ में मौसम का बदलाव साफ तौर पर महसूस किया गया. नोएडा में दोपहर तक तेज धूप लोगों को परेशान कर रही थी, लेकिन शाम करीब 5 बजे के बाद अचानक अंधेरा छा गया और बारिश शुरू हो गई. मेरठ में जहां तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं बारिश के बाद इसमें उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई. मुजफ्फरनगर में तेज आंधी के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई. हालांकि, यहां तापमान 37-39 डिग्री से गिरकर करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में बड़ी राहत मानी जा रही है. बागपत और हापुड़ में भी बारिश ने मौसम को खुशनुमा बना दिया.
वहीं, मध्य उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे लखनऊ और कानपुर में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहा. यहां पश्चिमी जिलों जैसी तेज बारिश नहीं हुई, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी रही. लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सुबह से चल रही पूर्वी हवाओं ने उमस को बढ़ा दिया, जिससे लोगों को खास राहत नहीं मिल सकी.
मौसम विभाग के अनुसार, 18 अप्रैल यानी शनिवार को लखनऊ और कानपुर में आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और बारिश की संभावना कम है. अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. ऐसे में प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर गर्मी का असर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.


