UP Weather Update 20 July 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ की ओर से जारी नवीनतम दैनिक मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार 20 जुलाई से उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां लगातार बनी रहेंगी. पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों संभागों में अगले कई दिनों तक वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई गई है. शुरुआती चार दिनों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का भी खतरा रहेगा. ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.
हिमाचल में 22 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट, सरकार हाई अलर्ट पर
20 से 25 जुलाई तक उत्तर प्रदेश का मौसम पूर्वानुमान
| दिनांक | दिन | मौसम का पूर्वानुमान |
|---|---|---|
| 20 जुलाई 2026 | सोमवार | लगभग सभी स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की बहुत अधिक संभावना |
| 21 जुलाई 2026 | मंगलवार | लगभग सभी स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की बहुत अधिक संभावना |
| 22 जुलाई 2026 | बुधवार | लगभग सभी स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की बहुत अधिक संभावना |
| 23 जुलाई 2026 | गुरुवार | अनेक स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की बहुत अधिक संभावना |
| 24 जुलाई 2026 | शुक्रवार | अनेक स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की बहुत अधिक संभावना |
| 25 जुलाई 2026 | शनिवार | कुछ स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की बहुत अधिक संभावना |
किन दिनों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अनुसार 20 से 22 जुलाई तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है. इसी अवधि में अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा.
23, 24 और 25 जुलाई को भी प्रदेश के दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना बनी रहेगी. हालांकि शुरुआती दिनों की तुलना में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी अपेक्षाकृत कम है, लेकिन स्थानीय स्तर पर तेज बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है.
बारिश का क्या असर पड़ सकता है
लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. शहरों में यातायात धीमा पड़ सकता है और कई जगह जाम की समस्या देखने को मिल सकती है. ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने की संभावना रहेगी. मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर मौजूद लोगों, किसानों और पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी. तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क यात्रा भी प्रभावित हो सकती है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- मेघगर्जन के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
- जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें.
- मौसम खराब होने पर स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें.
- बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित भवन के भीतर रहें और खुले में मोबाइल या धातु की वस्तुओं का उपयोग करने से बचें.
मौसम विभाग का संकेत
20 जुलाई से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी रहने के संकेत हैं. विशेष रूप से 20 से 22 जुलाई के बीच मौसम ज्यादा प्रभावी रहने की संभावना है. इसके बाद भी 25 जुलाई तक कई स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. इसलिए मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा.
Source: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ
FAQs
1. क्या 20 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में बारिश होगी?
मौसम विभाग के अनुसार 20 से 22 जुलाई तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी स्थानों पर वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की बहुत अधिक संभावना है.
2. सबसे ज्यादा सतर्क किस अवधि में रहना चाहिए?
20, 21 और 22 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा तथा वज्रपात की चेतावनी दी गई है. यही अवधि सबसे अधिक सावधानी की मांग करती है.
3. क्या 23 जुलाई के बाद बारिश खत्म हो जाएगी?
नहीं. 23 से 25 जुलाई तक भी कई स्थानों पर बारिश और कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है, हालांकि शुरुआती दिनों की तुलना में स्थिति कुछ कम तीव्र हो सकती है.
4. क्या वज्रपात का भी खतरा है?
हां. 20 से 22 जुलाई तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है.
5. आम लोगों को सबसे पहले क्या करना चाहिए?
यदि मौसम खराब हो, बिजली चमक रही हो या तेज बारिश हो रही हो तो सुरक्षित स्थान पर रहें, अनावश्यक यात्रा टालें और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें.


