Lucknow Bhopal Expressway Update: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सफर अब और आसान और तेज होने वाला है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) भारतमाला परियोजना के तहत नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने जा रहा है, जिससे लखनऊ से भोपाल का सफर करीब 14 घंटे से घटकर सिर्फ 7 घंटे रह जाएगा.
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कानपुर से मध्य प्रदेश के सागर तक एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 5,757 करोड़ रुपये बताई जा रही है. फिलहाल परियोजना के लिए एजेंसी फाइनल करने की प्रक्रिया चल रही है.
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इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर और महोबा जिलों से होकर गुजरेगा. आगे यह बुंदेलखंड क्षेत्र से होते हुए सागर हाईवे से जुड़ेगा, जिससे मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. कानपुर के पास यह एक्सप्रेस-वे रामपुर क्षेत्र में रिंग रोड से जुड़ेगा, जिससे शहर को कई राष्ट्रीय राजमार्गों से सीधा संपर्क मिल जाएगा. इसके जरिए वाराणसी, प्रयागराज और अन्य बड़े शहरों तक भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.
औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार
इस एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है. इससे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा और कच्चा माल समय पर फैक्ट्रियों तक पहुंच सकेगा, जबकि तैयार उत्पाद आसानी से बाजारों तक भेजे जा सकेंगे. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह परियोजना कानपुर को बड़े लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती है. इसके साथ ही बुंदेलखंड और आसपास के जिलों में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
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आर्थिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच व्यापार और परिवहन को नई गति देगा. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से न सिर्फ सफर का समय कम होगा, बल्कि फ्यूल की बचत के साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बड़ा फायदा मिलेगा.


