Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojana In UP: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने बेटियों की शिक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया. मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद दे रही है, जिसके तहत अलग-अलग चरणों में कुल 25 हजार रुपये की सहायता सीधे उनके खाते में भेजी जाती है.
सीएम योगी ने कहा कि बेटी के जन्म के साथ ही उसका पंजीकरण किया जाएगा और उसके बैंक खाते में समय-समय पर पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता भेजी जाएगी. जब बच्ची पहली कक्षा में दाखिला लेगी, तब भी सरकार की ओर से सहायता राशि दी जाएगी. इसी तरह पांचवीं कक्षा पास कर अगली कक्षा में पहुंचने पर भी आर्थिक मदद मिलेगी. उन्होंने बताया कि अभी तक करीब 27 लाख बेटियां इस योजना का लाभ ले चुकी हैं.
इस राज्य में तलाकशुदा बेटियों को भी मिलेगी पेंशन, 1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियम, इस तरह करें अप्लाई
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल का नाम मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना है, जिसे मिशन शक्ति 5.0 के तहत संचालित किया जा रहा है. योजना का उद्देश्य समाज में बेटी के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी शिक्षा को बढ़ावा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहयोग देना है.
ऐसे मिलती है 25 हजार रुपये की सहायता
जन्म के समय: 5000 रुपये
एक वर्ष के भीतर सभी टीकाकरण पूरे होने पर: 2000 रुपये
पहली कक्षा में प्रवेश पर: 3000 रुपये
छठी कक्षा में पहुंचने पर: 3000 रुपये
नौवीं कक्षा में दाखिले पर: 5000 रुपये
10वीं या 12वीं कक्षा में पहुंचने पर: 7000 रुपये
इस तरह कुल मिलाकर 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है.
योजना के लिए पात्रता और शर्तें
सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की हैं.
परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए
परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी हो
एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही लाभ मिलेगा
जुड़वा बेटियों के जन्म की स्थिति में दोनों को योजना में शामिल किया जा सकता है
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- बैंक खाते की जानकारी
- पासपोर्ट साइज फोटो
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से पहले खुशखबरी! उत्तराखंड-हिमाचल के बीच नया हाईवे तैयार
योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है, जबकि ऑफलाइन आवेदन संबंधित सरकारी कार्यालयों में जमा किए जा सकते हैं. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना ही नहीं है, बल्कि कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना, बाल विवाह को खत्म करना और बेटियों की शिक्षा व स्वास्थ्य को बढ़ावा देना भी है.


