Meerut News: मेरठ में विकास की रफ्तार अब नई दिशा पकड़ रही है. शहर के दिल में बसे भैंसाली बस अड्डे को बाहर शिफ्ट करने की योजना न सिर्फ ट्रैफिक जाम से राहत दिलाएगी, बल्कि किसानों के लिए खुशियों की सौगात भी लेकर आई है. भैंसाली रोडवेज बस अड्डे से रोजाना गुजरने वाली 400 से ज्यादा बसें अब शहर के बाहर जाएंगी, जिससे मेरठ की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा. लोग अब जाम में फंसने के बजाय खुली सड़कों पर सफर कर सकेंगे,यानी राहत, सुविधा और समय की बचत.
किसानों को मिलने वाला मुआवजा
इस परियोजना के तहत 79 किसानों को कुल 40 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया जाएगा. भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को उनकी जमीन के बदले उचित मूल्य देने की तैयारी है. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा.
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यातायात पर प्रभाव
भैंसाली बस अड्डा शहर के बीचोंबीच स्थित होने के कारण रोजाना 400 से अधिक बसें शहर में प्रवेश करती हैं, जिससे जाम की समस्या बनी रहती है. बस अड्डे के बाहर शिफ्ट होने से इन बसों का दबाव कम होगा, जिससे मेरठ में ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और लोगों को जाम से राहत मिलेगी. इससे यात्रा समय भी कम होगा.
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
नए बस अड्डे के निर्माण के लिए भूडबराल और मोदीपुरम क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है. कुल करीब 39,930 वर्ग मीटर भूमि अधिग्रहित की जा रही है, जिसमें भूडबराल, सिवाया, पल्हैड़ा और दुल्हैड़ा गांव शामिल हैं. प्रशासन ने सभी जमीन मालिकों से आवश्यक दस्तावेज जुटाकर प्रक्रिया को तेज किया है, ताकि समय पर अधिग्रहण पूरा हो सके.
मंडलायुक्त की सख्ती और जांच
मंडलायुक्त ने भूमि अधिग्रहण से पहले पुराने रिकॉर्ड की गहन जांच के निर्देश दिए हैं. 12 साला और 1359 फसली रिकॉर्ड की जांच के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जमीन सरकारी न हो. साथ ही स्वामित्व, न्यायालय में लंबित मामलों, पट्टों और विरासत संबंधी जानकारी की भी विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार की गई है.
प्रशासन की तैयारी और कार्रवाई
जिला प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए तहसीलों से रिकॉर्ड मंगवाए और कलक्ट्रेट के रिकॉर्ड रूम में जांच कराई. एसडीएम के माध्यम से जमीन का भौतिक निरीक्षण कराया गया और उसकी वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तैयार की गई. मूल्य निर्धारण समिति की बैठक कर मुआवजे का आधिकारिक विवरण भी तैयार किया गया है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे.
आगे की प्रक्रिया और निर्माण कार्य
सभी दस्तावेज मंडलायुक्त कार्यालय भेज दिए गए हैं और अनुमति मिलते ही किसानों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा. इसके बाद बस अड्डे के निर्माण कार्य की शुरुआत होगी, जिसकी जिम्मेदारी एनसीआरटीसी को दी गई है. यह परियोजना पूरी होने पर मेरठ में आधुनिक परिवहन सुविधा विकसित होगी और शहर के विकास को नई गति मिलेगी.


