Ayodhya News: अयोध्या. डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय पर्यावरण विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विनोद कुमार चौधरी को प्रतिष्ठित “पर्यावरण श्री सम्मान” से सम्मानित किया गया. यह सम्मान 24 मई 2026 को सिक्किम अल्पाइन यूनिवर्सिटी, नामची (सिक्किम) में आयोजित द्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “नेचर एंड नेचुरल साइंसेज (आईसीएनएस 2026)” के दौरान प्रदान किया गया.
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यह प्रतिष्ठित सम्मान एशियन बायोलॉजिकल रिसर्च फाउंडेशन ( एबीआरएफ ), प्रयागराज द्वारा पर्यावरण विज्ञान, सतत विकास, पारिस्थितिकी संरक्षण एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में डॉ. चौधरी के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया. डॉ. चौधरी लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु जागरूकता, जैव विविधता संरक्षण तथा समाजोन्मुख वैज्ञानिक शोध कार्यों से जुड़े हुए हैं.
डॉ. विनोद कुमार चौधरी को यह सम्मान सुप्रसिद्ध भूवैज्ञानिक तथा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर के पूर्व कुलपति प्रो. एच. बी. श्रीवास्तव द्वारा प्रदान किया गया. इस अवसर पर प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय चुनौतियों एवं जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में वैज्ञानिकों एवं शोधकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है. उन्होंने भारतीय विश्वविद्यालयों में हो रहे पर्यावरणीय अनुसंधानों की सराहना करते हुए युवा वैज्ञानिकों को समाज और प्रकृति के हित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया.
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन “सस्टेनेबल एंड क्लाइमेट रेजिलिएंट इकोसिस्टम: एनवायरनमेंटल एथिक्स एंड एंथ्रोपोजेनिक इम्पैक्ट” विषय पर किया गया था. सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं पर्यावरणविदों ने भाग लिया तथा जैव विविधता संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण नैतिकता, जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए.
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इस सम्मेलन का आयोजन सिक्किम अल्पाइन यूनिवर्सिटी द्वारा एशियन बायोलॉजिकल रिसर्च फाउंडेशन, लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय (नेपाल), सिक्किम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, दार्जिलिंग हिल्स स्टेट यूनिवर्सिटी, इंटरनेशनल बौद्धिस्ट रिसर्च सेंटर, नेशनल एनवायरनमेंटल साइंस अकादमी तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से किया गया. विश्वविद्यालय के कुलपति, कुलसचिव एवं वित्त अधिकारी, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने डॉ. विनोद कुमार चौधरी को इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर बधाई दी तथा इसे विश्वविद्यालय एवं अयोध्या क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा.


