Gorakhpur-Shamli Expressway: उत्तर प्रदेश में बहुप्रतीक्षित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य को गति देने के लिए बिजनौर जिले में जमीनों के सर्वे और एलाइन्मेंट को अंतिम रूप दिया जा रहा है. प्रशासन ने एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित मार्ग में आने वाले 103 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.
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जानकारी के अनुसार, गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे बिजनौर जिले की कई तहसीलों और गांवों से होकर गुजरेगा. परियोजना के लिए आवश्यक भूमि चिह्नित करने का काम तेजी से चल रहा है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम सर्वे कार्य में जुटी हुई है, जिसे इसी महीने के अंत तक पूरा कर लेने की उम्मीद है.
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि एलाइन्मेंट फाइनल होने के बाद अगले महीने से भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इसके लिए नजीबाबाद, धामपुर और बिजनौर तहसील के उप-पंजीयक कार्यालयों को आधिकारिक सूची भेज दी गई है.
103 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक
जारी सूची के अनुसार बिजनौर तहसील के 32 गांव, नजीबाबाद तहसील के 16 गांव और धामपुर तहसील के 55 गांवों में जमीन के बैनामे पर रोक लगाई गई है. कुल 103 गांव इस प्रतिबंध के दायरे में आए हैं. इससे पहले एनएचएआई की ओर से 131 और 116 गांवों की अलग-अलग सूचियां भेजी गई थीं, लेकिन फिलहाल 103 गांवों में ही रोक प्रभावी की गई है.
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मुआवजे की तैयारी शुरू
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण और किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने तक जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक जारी रहेगी. मुआवजे का भुगतान पूरा होने के बाद ही इस प्रतिबंध को हटाया जाएगा. इस परियोजना से न केवल पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि प्रभावित किसानों को भी भूमि अधिग्रहण के बदले अच्छा मुआवजा मिलने की उम्मीद है. ऐसे में एक्सप्रेसवे से जुड़े गांवों के किसानों के लिए यह किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं माना जा रहा है.


