Noida-Ghaziabad-Kanpur Expressway: उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में एक और बड़ा कॉरिडोर जुड़ने जा रहा है. नोएडा-गाजियाबाद-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे कानपुर से जोड़ेगा. करीब 380 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दिल्ली-NCR से कानपुर का सफर 7-8 घंटे से घटकर करीब 4-5 घंटे होने की उम्मीद है.
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380 KM लंबा होगा एक्सप्रेसवे
यह 4 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में 6 लेन तक बढ़ाया जा सकता है. इसके निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की है. परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है. इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत गाजियाबाद में NH-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के आसपास से होगी. इसके बाद यह नोएडा, ग्रेटर नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, कासगंज, फर्रूखाबाद और कन्नौज होते हुए कानपुर तक पहुंचेगा.
किन शहरों को फायदा?
- गाजियाबाद
- नोएडा
- ग्रेटर नोएडा
- हापुड़
- बुलंदशहर
- अलीगढ़
- कासगंज
- फर्रूखाबाद
- कन्नौज
- कानपुर
जेवर एयरपोर्ट से भी जुड़ेगा एक्सप्रेसवे
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी कनेक्टिविटी है. एक्सप्रेसवे को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से जोड़ने की योजना है. सिकंदराबाद-बुलंदशहर और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते एयरपोर्ट से इस कॉरिडोर को कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे पश्चिमी यूपी और दिल्ली-NCR से जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना भी आसान होगा और एयरपोर्ट से कानपुर समेत मध्य यूपी के कई शहर सीधे जुड़ सकेंगे.
गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा
गाजियाबाद-नोएडा-कानपुर एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से भी जोड़े जाने की योजना है. गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक जाता है और इसके नेटवर्क के जरिए पश्चिमी यूपी से पूर्वी यूपी तक तेज कनेक्टिविटी बनेगी. आगे चलकर यह नेटवर्क प्रयागराज और बुंदेलखंड क्षेत्र तक पहुंच को भी आसान कर सकता है. इससे यूपी में एक्सप्रेसवे का एक बड़ा इंटरकनेक्टेड नेटवर्क तैयार होगा.
कानपुर से लखनऊ और पूर्वांचल तक सीधा रास्ता
कानपुर में यह एक्सप्रेसवे कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा. इसके बाद यात्रियों को कानपुर से लखनऊ और आगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने का रास्ता मिलेगा. यानी दिल्ली-NCR से शुरू होकर नोएडा-गाजियाबाद-कानपुर-लखनऊ-पूर्वांचल तक लंबी दूरी की तेज कनेक्टिविटी तैयार हो सकती है.
NH-9 और यमुना एक्सप्रेसवे पर घटेगा दबाव
अभी दिल्ली-NCR से कानपुर जाने वाले यात्रियों को NH-9 समेत कई प्रमुख मार्गों पर भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है. नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने के बाद लंबी दूरी के ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्ता मिलेगा. इससे NH-9 और यमुना एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है. साथ ही दिल्ली-NCR से कानपुर की यात्रा ज्यादा तेज और सुविधाजनक हो सकती है.
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उद्योग और कारोबार को भी मिलेगा बड़ा फायदा
एक्सप्रेसवे सिर्फ सफर का समय कम नहीं करेगा, बल्कि पश्चिमी और मध्य यूपी की अर्थव्यवस्था को भी गति दे सकता है. अलीगढ़, बुलंदशहर, कन्नौज और कानपुर जैसे औद्योगिक एवं व्यापारिक केंद्रों के बीच माल ढुलाई आसान होगी. इसके आसपास लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और नई आवासीय परियोजनाओं के विकसित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी. यानी आने वाले समय में यह एक्सप्रेसवे सिर्फ नोएडा और कानपुर के बीच दूरी कम नहीं करेगा, बल्कि यूपी के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों को जोड़ने वाले बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क की अहम कड़ी बन सकता है.


