Sale और Discount के दौरान कपड़े, जूते, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी चीजें कम कीमत पर खरीदना आम बात है. लेकिन कई दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर Sale के सामान के साथ ‘No Return’, ‘No Exchange’ या ‘Sale Item Non-Returnable’ जैसी शर्त लिखी होती है. ऐसे में ग्राहक के मन में सवाल आता है कि अगर सामान खरीदने के बाद पसंद नहीं आया, साइज गलत हो गया या उसमें कोई खराबी निकल आई तो क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?
इसका जवाब हर मामले में एक जैसा नहीं है. केवल Sale में खरीदा गया सामान होने से ग्राहक के सभी अधिकार खत्म नहीं हो जाते. सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि Return Policy क्या है, सामान में कोई खराबी है या नहीं और दुकानदार या कंपनी ने खरीदारी के समय क्या जानकारी दी थी.
यह भी पढ़ें- WFH का खतरनाक सच: क्या लैपटॉप पर घंटों झुककर काम करना आपको दे रहा है गंभीर दर्द?
‘No Return’ लिखा है तो क्या सामान कभी वापस नहीं होगा?
अगर कोई ग्राहक सिर्फ इसलिए सामान वापस करना चाहता है क्योंकि उसे वह पसंद नहीं आया, तो Return या Exchange की सुविधा मुख्य रूप से विक्रेता की घोषित नीति और खरीदारी की शर्तों पर निर्भर करती है. Sale में कई दुकानदार स्पष्ट रूप से बताते हैं कि ऐसे सामान पर Return या Exchange उपलब्ध नहीं होगा.
लेकिन अगर सामान खराब, दोषपूर्ण, गलत या विज्ञापन में बताई गई जानकारी से अलग है, तो मामला अलग हो सकता है. ऐसे मामलों में ग्राहक के पास शिकायत करने और उचित समाधान मांगने का आधार हो सकता है.
सामान खराब निकला तो क्या करें?
मान लीजिए आपने Sale में जूते खरीदे और कुछ ही समय में उनकी सिलाई खुल गई. या आपने कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदा और वह काम ही नहीं कर रहा. ऐसी स्थिति में केवल ‘Sale Item’ कहकर शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
सबसे पहले दुकानदार या कंपनी से संपर्क करें और समस्या की जानकारी दें. अगर सामान की Warranty या Guarantee है, तो उसके तहत समाधान मांगा जा सकता है. परिस्थितियों के अनुसार Repair, Replacement या Refund का विकल्प मिल सकता है.
बिल और Return Policy जरूर संभालकर रखें
Sale में सामान खरीदते समय बिल या Invoice जरूर लें. इसके अलावा दुकान की Return/Exchange Policy का स्क्रीनशॉट या फोटो भी रख सकते हैं. Online खरीदारी में Order Details, Invoice, Product Description और Return Policy का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना खास तौर पर उपयोगी है.
अगर बाद में विवाद होता है, तो ये दस्तावेज यह साबित करने में मदद कर सकते हैं कि सामान कब खरीदा गया था और उस समय क्या शर्तें लागू थीं.
दुकानदार सामान बदलने या पैसे देने से मना करे तो?
अगर सामान में खराबी है और दुकानदार समाधान देने से इनकार करता है, तो पहले लिखित रूप में शिकायत करना बेहतर है. Online खरीदारी में कंपनी के Customer Care या Grievance Officer को शिकायत भेजी जा सकती है.
शिकायत में Order Number या Bill Number, खरीदारी की तारीख, सामान की समस्या और आप क्या समाधान चाहते हैं, यह स्पष्ट लिखें. बातचीत के बजाय ईमेल या ऐप में दर्ज शिकायत का रिकॉर्ड आगे काम आ सकता है.
Consumer Commission में शिकायत कर सकते हैं
अगर विक्रेता या कंपनी से समाधान नहीं मिलता, तो ग्राहक Consumer Commission का रास्ता अपना सकता है. Consumer Protection Act, 2019 के तहत उपभोक्ताओं को वस्तुओं और सेवाओं में कमी या अनुचित व्यापार व्यवहार के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार दिया गया है.
मामले के आधार पर ग्राहक Refund, Replacement, Repair, Compensation या अन्य उचित राहत की मांग कर सकता है. शिकायत करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और बातचीत का रिकॉर्ड संभालकर रखना चाहिए.
E-Daakhil से ऑनलाइन शिकायत का विकल्प
उपभोक्ता मामलों से जुड़े विवादों के लिए ऑनलाइन शिकायत दाखिल करने की सुविधा भी उपलब्ध है. E-Daakhil व्यवस्था के जरिए उपभोक्ता घर बैठे Consumer Commission में शिकायत से संबंधित प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं.
शिकायत से पहले यह देखना जरूरी है कि आपका मामला किस Consumer Commission के अधिकार क्षेत्र में आता है और वर्तमान प्रक्रिया क्या है.
Sale में खरीदारी करते समय इन बातों का रखें ध्यान
Sale में कम कीमत देखकर जल्दबाजी में सामान खरीदने से बचें. खरीदने से पहले Return, Exchange और Refund Policy पढ़ें. कपड़ों और जूतों में Size और Product Details ध्यान से देखें. महंगे सामान में Warranty और Service Centre की जानकारी जरूर जांचें.
अगर दुकान पर ‘No Return’ लिखा है, तो यह भी पूछ लें कि खराब या Defective Product की स्थिति में क्या नियम लागू होंगे. Online खरीदारी में Product Page और Return Policy का Screenshot रखना भविष्य में उपयोगी हो सकता है.
कब आपका दावा कमजोर हो सकता है?
अगर सामान सही स्थिति में है और ग्राहक को खरीदने के बाद सिर्फ पसंद नहीं आया, तो Refund का दावा कई मामलों में विक्रेता की Return Policy पर निर्भर करेगा. इसी तरह Sale के दौरान अगर ग्राहक को पहले ही स्पष्ट रूप से बताया गया था कि सामान पर Return या Exchange नहीं मिलेगा, तो केवल मन बदलने के आधार पर उसे वापस कराना मुश्किल हो सकता है.
लेकिन अगर उत्पाद में छिपी हुई खराबी, गलत सामान, गलत साइज/मॉडल की डिलीवरी या विज्ञापन से गंभीर अंतर जैसी समस्या है, तो मामला अलग तरीके से देखा जा सकता है.
Sale में खरीदा सामान वापस होगा या नहीं, यह केवल ‘Sale’ शब्द से तय नहीं होता. अगर सामान सही है और ग्राहक को सिर्फ पसंद नहीं आया, तो Return Policy महत्वपूर्ण होगी. लेकिन अगर सामान Defective है, गलत Product मिला है या विक्रेता ने उत्पाद के बारे में गलत जानकारी दी है, तो ग्राहक अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है.
यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में विकास को रफ्तार! सिंचाई परियोजनाओं से लेकर 140 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक, कैबिनेट के बड़े फैसले
इसलिए Sale में खरीदारी करते समय Bill, Invoice, Product Details और Return Policy जरूर सुरक्षित रखें. समस्या आने पर पहले Seller या Company को लिखित शिकायत करें. समाधान नहीं मिलने पर Consumer Commission के जरिए शिकायत करने का विकल्प मौजूद है.


