Amroha News: उत्तर प्रदेश सरकार मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित औद्योगिक ग्रीन कॉरिडोर योजना के तहत अमरोहा जिले की हसनपुर तहसील में एक हाईटेक औद्योगिक शहर विकसित करने जा रही है. यह परियोजना करीब 5500 बीघा भूमि पर स्थापित होगी और इसे “नया नोएडा” की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है. इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा.
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दस गांवों की भूमि होगी शामिल
परियोजना के लिए पहले मंगरौला, दौलतपुर कला और रुस्तमपुर खादर गांवों की 140 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई थी. अब इसका दायरा बढ़ाते हुए गांगटकोला, हाकमपुर, पतेई खादर, गंगवार, बुरावली और बांसका कला समेत कुल दस गांवों को शामिल करने की योजना बनाई गई है. अधिकारियों ने संबंधित गांवों का सर्वेक्षण भी पूरा कर लिया है.
65 प्रतिशत भूमि की खरीद पूरी
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा चिन्हित भूमि में से लगभग 65 प्रतिशत भूमि की खरीद प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. प्रशासन का दावा है कि भूमि अधिग्रहण कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है. शेष भूमि के अधिग्रहण को लेकर भी तैयारी जारी है.
किसानों की सर्किल रेट बढ़ाने की मांग
परियोजना क्षेत्र के किसान लंबे समय से भूमि के सर्किल रेट में वृद्धि की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि कई वर्षों से सर्किल रेट में संशोधन नहीं हुआ है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में भूमि के बाजार मूल्य में लगातार बढ़ोतरी हुई है. ऐसे में मौजूदा दरों पर मिलने वाला मुआवजा उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है.
मुआवजे को लेकर किसानों में असंतोष
किसानों का कहना है कि सरकार भले ही सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की बात कर रही हो, लेकिन वास्तविक बाजार मूल्य उससे कहीं अधिक है. उनका आरोप है कि प्राप्त मुआवजे से वे दूसरी जगह उतनी ही कृषि भूमि नहीं खरीद सकते. इसी वजह से कई किसान भूमि देने के लिए तैयार नहीं हैं.
परियोजना में देरी की आशंका
भूमि मूल्य और मुआवजे को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पाने से परियोजना प्रभावित हो सकती है. यदि किसानों की मांगों पर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में देरी होने की संभावना है. इससे प्रस्तावित औद्योगिक शहर और ग्रीन कॉरिडोर के विकास कार्य की समयसीमा भी प्रभावित हो सकती है.
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रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
प्रशासन का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे और औद्योगिक ग्रीन कॉरिडोर बनने से अमरोहा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी. स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, उद्योग स्थापित होंगे और लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध हो सकेंगी. इससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी.


