उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे अब एक विशाल औद्योगिक शहर बसने जा रहा है, जिससे जिले के विकास को नई रफ्तार मिलेगी.
दरअसल, घटपुरी इंटरचेंज के पास 269 एकड़ जमीन पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित किया जाएगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शासन से मंजूरी मिल चुकी है और इसके लिए करीब 149 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पहली किस्त के रूप में 52.16 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए हैं.
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तीन गांवों की जमीन पर बनेगा औद्योगिक हब
यह प्रोजेक्ट सदर तहसील क्षेत्र के घटपुरी, औरंगाबाद माफी और कुतुबपुरथरा गांवों की जमीन पर विकसित होगा. इन गांवों की करीब 269 एकड़ भूमि अब औद्योगिक केंद्र में बदलने जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों की जमीन की कीमतों में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है.
यह क्लस्टर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 और गंगा एक्सप्रेसवे से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा. इससे परिवहन, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स बेहद आसान हो जाएंगे, जो उद्योगों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण साबित होगा.
यूपीडा करेगा निर्माण
इस परियोजना का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEDA) द्वारा कराया जाएगा. सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन ने इसे मंजूरी दी है और जल्द ही कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जाएंगे.
IMLC के तहत एक ही स्थान पर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इससे सैकड़ों छोटे-बड़े उद्योग स्थापित होंगे और स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा. साथ ही निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे.
उत्पादन लागत घटेगी, क्षमता बढ़ेगी
इस परियोजना के लागू होने से उद्योगों की उत्पादन लागत में कमी आएगी और उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा.
किसानों की जमीन का अधिग्रहण लगभग पूरा
प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना के लिए करीब 450 किसानों की जमीन अधिग्रहित की जानी है, जिसमें से 96% जमीन सहमति के आधार पर ली जा चुकी है. बाकी जमीन का अधिग्रहण भी जल्द पूरा होने की उम्मीद है.
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कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट बदायूं को औद्योगिक नक्शे पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा.


