Gonda Ring Road Project: शहर को भारी वाहनों के दबाव और आए दिन लगने वाले जाम से राहत दिलाने वाली पश्चिमी रिंग रोड परियोजना अब जमीन अधिग्रहण के चरण में पहुंच गई है. परियोजना के लिए सदर और करनैलगंज तहसील क्षेत्र के 24 गांवों के 775 भूखंडों की करीब 107 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण के दायरे में है. खातेदारों और सह खातेदारों के अंश निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. अधिकारियों के मुताबिक, करीब 15 दिन में अंश निर्धारण का काम पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद किसानों और अन्य भूमि मालिकों को अधिग्रहण के नोटिस जारी किए जाएंगे.
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अक्टूबर से शुरू हो सकता है जमीन अधिग्रहण
नोटिस मिलने के बाद संबंधित भूमि मालिक भूमि अध्याप्ति अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर आपसी सहमति और समझौते के आधार पर बैनामा कर सकेंगे. भूमि अध्याप्ति अधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने बताया कि अंश निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने कहा कि अक्टूबर से जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू करने की योजना है.
20.57 किलोमीटर लंबी होगी रिंग रोड
गोंडा की पश्चिमी रिंग रोड की लंबाई 20.57 किलोमीटर होगी. परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,646.98 करोड़ रुपये है. प्रस्तावित रिंग रोड अयोध्या मार्ग पर पराग डेयरी के पास से शुरू होकर कटहा घाट होते हुए लखनऊ मार्ग पर हारीपुर स्थित आईटीसी के पास पहुंचेगी. इसके बाद रुद्रपुर विसेन होते हुए दत्तनगर के पास इसे बलरामपुर मार्ग से जोड़ने की योजना है.
चार जिलों की ओर जाने वाले भारी वाहनों को मिलेगी राहत
रिंग रोड के निर्माण से अयोध्या, लखनऊ, बहराइच और बलरामपुर की ओर जाने वाले भारी और लंबी दूरी के वाहनों को गोंडा शहर के भीतर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी. इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का दबाव कम होने और जाम की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है. परियोजना में तीन रेलवे ओवरब्रिज, दो बड़े पुल और पांच छोटे पुल भी प्रस्तावित हैं.
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इन 24 गांवों की जमीन आएगी दायरे में
पश्चिमी रिंग रोड परियोजना के लिए इंदिरापुर, भदुआ तरहर, पूरे ललक, दुल्लापुर खालसा, सिंधाव, पड़रीशंकर, इमरती विसेन, रुद्रपुर विसेन, केशवपुर पहड़वा, पथवलिया, पूरे हेमराज, कलंदरपुर चौबे, करनीपुर, मथुराचौबे, कपूरपुर, पूरे शिवाबख्तावर, झंझरी, बनवरिया, उम्मेदजोत, दत्तनगर विसेन, कटहा माफी, हारीपुर और पंडरीकृपाल समेत 24 गांवों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में है. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य की दिशा में आगे की कार्रवाई शुरू होगी. रिंग रोड बनने के बाद गोंडा शहर में बाहरी और भारी वाहनों की आवाजाही को शहर के बाहर डायवर्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है.


