चंडीगढ़: हरियाणा में आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत विकास को गति देने के लिए प्रदेश सरकार ने जमीन खरीद की प्रक्रिया तेज कर दी है. दूसरे चरण में 13 शहरों में नए सेक्टर विकसित करने के लिए करीब 33 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना बनाई गई है. इसके लिए इच्छुक किसान और भूमि मालिक ई-भूमि पोर्टल पर अपनी जमीन बेचने के लिए आवेदन कर सकेंगे. सरकार की योजना के तहत जमीन मालिक अपनी मर्जी से जमीन की पेशकश कर सकेंगे और कीमत को लेकर सरकार के साथ मोलभाव भी कर सकेंगे.
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31 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन
विकास परियोजनाओं के लिए जमीन देने के इच्छुक किसान और भूमि मालिक 31 अगस्त तक ई-भूमि पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पोर्टल पर प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर जमीन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा. दूसरे चरण में जमीन खरीद के लिए फर्रुखनगर, रायपुररानी, कैथल, नूंह, हिसार, बरवाला, टोहाना, डबवाली, सोनीपत, आरोग्य धाम बाढ़सा, बेरी, महम और मतलौडा को शामिल किया गया है.
सोनीपत में सबसे ज्यादा 18 हजार एकड़ जमीन का लक्ष्य
प्रस्तावित योजना में सबसे बड़ा हिस्सा सोनीपत का है. जिले के कई गांवों में करीब 18,102.11 एकड़ जमीन खरीदने का लक्ष्य रखा गया है. गढ़ शहजानपुर, रायपुर, फाजिलपुर, जवाहरी, मुरथल, बैयांपुर, देवडू, रेवली, हरसाना कलां, लहराड़ा, राठधाना, जठेड़ी, खेवड़ा, बहालगढ़, कमासपुर समेत कई क्षेत्रों में जमीन खरीदी जाएगी.
कैथल और टोहाना में भी बड़े स्तर पर खरीद
कैथल में करीब 3,961.01 एकड़ जमीन खरीदने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए पट्टी चौधरी, पट्टी अफगान, पट्टी कायस्थ सेठ, पट्टी गादड़, जगदीशपुरा, शेरगढ़ और ड्यौड़ खेड़ी समेत कई क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है. वहीं टोहाना में करीब 1,968.90 एकड़, आरोग्य धाम बाढ़सा में 2,046.82 एकड़ और महम में 1,246.52 एकड़ जमीन खरीदने की योजना है.
अन्य शहरों में इतनी जमीन खरीदी जाएगी
- फर्रुखनगर: 1,203.52 एकड़
- रायपुररानी: 437.10 एकड़
- नूंह: 1,197.61 एकड़
- हिसार: 789.91 एकड़
- बरवाला: 672.06 एकड़
- डबवाली: 380 एकड़
- बेरी: 669.42 एकड़
- मतलौडा: 344.37 एकड़
इन क्षेत्रों में जमीन मिलने के बाद भविष्य की आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा.
किसानों की मर्जी से खरीदी जाएगी जमीन
सरकार ने जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवादों को कम करने के लिए नीति में बदलाव किया है. इसके तहत जमीन अधिग्रहण के बजाय किसानों की सहमति से खरीदी जाएगी. भूमि मालिक अपनी जमीन के लिए अपनी कीमत की पेशकश कर सकेंगे. यदि सरकार को जमीन और भू-स्वामी की ओर से पेश की गई कीमत उचित लगती है तो जमीन खरीदी जाएगी. जरूरत पड़ने पर अलग-अलग मामलों में कीमत को लेकर बातचीत यानी मोलभाव भी किया जा सकेगा.
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पहले चरण में 71 शहरों के लिए मांगे गए थे आवेदन
प्रदेश सरकार पहले चरण में 71 शहरों में करीब 1.67 लाख एकड़ जमीन खरीदने के लिए किसानों से आवेदन मांग चुकी है. अब दूसरे चरण में 13 शहरों को शामिल कर नई जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई है. सरकार का लक्ष्य हरियाणा को उत्तर भारत के औद्योगिक विनिर्माण आधार, लॉजिस्टिक्स हब और NCR के लिए सैटेलाइट शहरीकरण क्षेत्र के रूप में विकसित करना है. इसके लिए भविष्य में बड़े पैमाने पर आवासीय और औद्योगिक विस्तार की जरूरत होगी.


