Rae Bareli-Barabanki Six Lane Highway: उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक और बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो गया है. रायबरेली के लालगंज से बाराबंकी तक करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से सिक्स लेन हाईवे बनाने की तैयारी है. प्रस्तावित हाईवे महाराजगंज और हैदरगढ़ होते हुए बाराबंकी तक जाएगा. इसके बनने से आसपास के करीब 500 गांवों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है.
परियोजना का उद्देश्य SCR के आसपास के जिलों में मजबूत सड़क नेटवर्क तैयार करना, ट्रैफिक दबाव कम करना और लोगों की यात्रा को तेज एवं सुगम बनाना है.
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लालगंज से शुरू होकर बाराबंकी तक जाएगा हाईवे
प्रस्तावित सिक्स लेन हाईवे रायबरेली के लालगंज से शुरू होकर महाराजगंज और हैदरगढ़ होते हुए बाराबंकी तक जाएगा. इस मार्ग में हैदरगढ़ को महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्वाइंट के तौर पर विकसित करने की योजना है. हैदरगढ़ कस्बे में मौजूदा यातायात दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए यहां बाईपास प्रस्तावित किया गया है. बाईपास बनने के बाद लंबी दूरी के वाहनों को कस्बे के अंदर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी और यातायात को बाहर से निकाला जा सकेगा.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-अयोध्या हाईवे से जुड़ेगा
इस परियोजना की खासियत इसका प्रमुख एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ाव होगा. हैदरगढ़ के पास प्रस्तावित हाईवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और लखनऊ-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़े जाने की योजना है. इसके बाद बाराबंकी में इसे लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग से कनेक्ट किया जाएगा. इससे लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर और पूर्वांचल की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक और बेहतर मार्ग मिल सकेगा.
करीब 50 सड़कों से जुड़ेगा नया कॉरिडोर
यह परियोजना सिर्फ प्रमुख शहरों और एक्सप्रेसवे को जोड़ने तक सीमित नहीं रहेगी. प्रस्तावित सिक्स लेन हाईवे से करीब 50 छोटी-बड़ी सड़कों को जोड़े जाने की योजना है. इस व्यापक नेटवर्क से लालगंज, महाराजगंज, हैदरगढ़ और बाराबंकी के आसपास के ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. करीब 500 गांवों के लोगों को इसका सीधा या अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है. बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को कृषि उपज मंडियों तक पहुंचाने में आसानी होगी. वहीं स्थानीय कारोबार, रोजगार और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है.
1,000 करोड़ की लागत, बजट मंजूरी का इंतजार
प्रस्तावित परियोजना का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से कराया जाना है. प्रशासनिक स्तर पर सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है. योजना में बांदा-बहराइच मार्ग के कोठी से बाराबंकी तक के हिस्से को भी शामिल किया गया है. पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसी परियोजना को देखते हुए बाराबंकी की करीब 37 किलोमीटर लंबी पुरानी सड़क को फोरलेन करने का प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है. अब लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन को शासन से बजट की अंतिम मंजूरी का इंतजार है. मंजूरी मिलने के बाद जमीन से जुड़े कार्यों और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
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SCR में बढ़ेगी सड़क कनेक्टिविटी
इस हाईवे के तैयार होने से रायबरेली, बाराबंकी और आसपास के क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है. साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ-अयोध्या मार्ग और लखनऊ-सुल्तानपुर कॉरिडोर से जुड़ाव के कारण SCR के बड़े हिस्से में आवागमन का नेटवर्क और मजबूत होगा. सरकार की योजना के मुताबिक, यह परियोजना शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी देकर व्यापार, रोजगार और कृषि परिवहन को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.


