Kanpur-Ayodhya Namo Bharat Corridor: उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति देने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अब लखनऊ और आसपास के जिलों को मिलाकर उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (यूपी एससीआर) विकसित किया जाएगा. आवास विभाग ने कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिनमें कानपुर से अयोध्या तक 187 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर और 300 किलोमीटर लंबा यूपी एससीआर आउटर रिंग रोड प्रमुख हैं.
रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के तहत बनने वाले करीब 32 हजार करोड़ रुपये के नमो भारत कॉरिडोर का निर्माण दो चरणों में होगा. पहले चरण में कानपुर के नयागंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा. इस मार्ग पर नयागंज, उन्नाव, बसीरतगंज, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या समेत 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं.
यूपी एससीआर के तहत बछरावां को स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन और संडीला को विस्तारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा. बछरावां में ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग जैसे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जबकि संडीला में फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, केमिकल और पैकेजिंग उद्योग स्थापित किए जाएंगे.
लॉजिस्टिक हब जैसी परियोजना
इसके अलावा 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का ओरिएंटेड डेवलपमेंट, नवाबगंज बर्ड सेंचुरी का संरक्षण एवं पर्यटन विकास, नैमिषारण्य के लिए 750 करोड़ रुपये की परियोजना, सीतापुर में मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, नए ट्रांसपोर्ट नगर, स्टेट म्यूजियम का पुनर्विकास और दुबग्गा-वरुण विहार में एग्री-ट्रेड व लॉजिस्टिक हब जैसी परियोजनाओं पर भी सहमति बनी है.
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एलडीए उपाध्यक्ष ने क्या बताया?
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि प्रमुख सचिव आवास की अध्यक्षता में हुई बैठकों में विभिन्न विभागों के साथ इन परियोजनाओं पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है. अब इन महत्वाकांक्षी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा.


