Lucknow Sitapur Highway: राजधानी लखनऊ से सीतापुर जाने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-30) को चार से छह लेन करने की तैयारी तेज हो गई है. करीब ₹1000 करोड़ की इस परियोजना को दीपावली से पहले मंजूरी मिलने की उम्मीद है. स्वीकृति मिलते ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगा.
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छह महीने पहले कराया गया था सर्वे
एनएचएआई ने हाईवे के चौड़ीकरण को लेकर करीब छह महीने पहले सर्वे कराया था. सर्वे पूरा होने के बाद इसकी समग्र रिपोर्ट सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दी गई है. अधिकारियों के मुताबिक, मंजूरी मिलने के बाद परियोजना पर काम शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी.
लखनऊ से सीतापुर के बीच लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए हाईवे को छह लेन करने की मांग लंबे समय से उठ रही थी. जनप्रतिनिधियों की ओर से भी सड़क चौड़ीकरण के साथ विभिन्न प्रमुख चौराहों पर अंडरपास बनाने के प्रस्ताव दिए गए थे.
63 किलोमीटर हाईवे का होगा चौड़ीकरण
प्रस्तावित परियोजना के तहत करीब 63 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को चार से छह लेन किया जाएगा. खास बात यह है कि परियोजना के लिए अलग से जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी. अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा चार लेन वाले लखनऊ-सीतापुर एक्सप्रेसवे के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है.
जमीन अधिग्रहण नहीं होने से परियोजना को अपेक्षाकृत तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी. अधिकारियों का अनुमान है कि काम शुरू होने के बाद करीब एक से डेढ़ साल में परियोजना पूरी की जा सकती है.
सात जगहों पर बनेंगे अंडरपास
हाईवे को छह लेन करने के साथ यातायात और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए सात स्थानों पर अंडरपास प्रस्तावित किए गए हैं. इनका उद्देश्य वाहनों के सुरक्षित आवागमन को आसान बनाना और यू-टर्न, फ्लाईओवर से उतरने तथा सड़क पार करने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना है.
इन स्थानों पर बनेंगे अंडरपास
- वैदेही वाटिका
- खैराबाद
- सिधौली
- विक्रमपुर
- इंटौजा
- लहरपुर
- अटरिया
अंडरपास और सड़क चौड़ीकरण का काम एक साथ आगे बढ़ाने की योजना है.
नौ विधानसभा क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
लखनऊ से सीतापुर के बीच हाईवे चौड़ीकरण की इस परियोजना का असर करीब नौ विधानसभा क्षेत्रों पर पड़ेगा. इनमें महोली, सीतापुर, हरगांव, लहरपुर, बिसवां, सेवता, महमूदाबाद, सिधौली और मिश्रिख शामिल हैं. इन क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों और संपर्क मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने के साथ स्थानीय लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है.
आउटर रिंग रोड से शुरू होगा छह लेन हाईवे
प्रस्तावित छह लेन राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण लखनऊ की आउटर रिंग रोड से शुरू होकर सीतापुर तक किया जाएगा. परियोजना की धनराशि स्वीकृत होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी. वहीं, चौड़ीकरण की जद में आने वाले पेड़ों के स्थानांतरण और कटान के लिए वन विभाग से अनुमति लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. एनएचएआई और वन विभाग के बीच इस संबंध में पत्राचार तेज किया गया है.
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स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल के मुताबिक, लखनऊ-सीतापुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग को चार से छह लेन करने का सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना को स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है. मंजूरी मिलते ही करीब ₹1000 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा. सड़क चौड़ीकरण के साथ विभिन्न स्थानों पर प्रस्तावित अंडरपास का निर्माण भी किया जाएगा.


