Saharanpur road accident: सहारनपुर के बेहट रोड पर शनिवार को एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है. थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र के धौलाकुआं के पास एक तेज रफ्तार क्रेटा कार ने बाइक सवार परिवार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. इस भीषण हादसे में बाइक पर सवार एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद से पीड़ित परिवार और पूरे मलकपुर गांव में कोहराम मचा हुआ है.
कोठड़ी ससुराल से लौट रहा था परिवार
मिली जानकारी के अनुसार, मलकपुर निवासी लविश (26 वर्ष) मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. शनिवार को वह अपनी मां राजदुलारी (55 वर्ष), बहन अंजना उर्फ तन्नु (20 वर्ष) और ढाई वर्षीय मासूम बेटी रूही के साथ कोठड़ी स्थित अपनी ससुराल से बाइक द्वारा वापस अपने गांव मलकपुर लौट रहा था.
जैसे ही उनकी बाइक बेहट रोड पर धौलाकुआं के समीप पहुंची, तभी पीछे से आ रही एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार क्रेटा कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार चारों लोग हवा में उछलकर सड़क पर काफी दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए.
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर दौड़े और पुलिस को सूचना देते हुए सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया. हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी. जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया. एक साथ चार मौतों की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई. जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिसे देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं.
घर पर बचे पत्नी और छोटा बेटा
परिजनों ने बताया कि लविश की शादी वर्ष 2022 में हुई थी. हादसे में जान गंवाने वाली ढाई साल की रूही उसकी बड़ी संतान थी. इस वक्त घर पर उसकी पत्नी और एक छोटा बेटा मौजूद हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है. इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे मलकपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और घरों में चूल्हे तक नहीं जले.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा दुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर में हुए इस सड़क हादसे का संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है. सीएम योगी ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता व ढांढस बंधाने के सख्त निर्देश दिए हैं.


