UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से आंधी, बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली थी, लेकिन अब यह राहत खत्म होने वाली है. मौसम विभाग और मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश में एक बार फिर भीषण गर्मी, उमस और लू का असर तेजी से बढ़ सकता है. पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ते ही तापमान में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी और मई के आखिरी दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं.
20 मई के बाद बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 20 मई के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरी तरह खत्म हो जाएगा. इसके बाद उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं पूरे प्रदेश को प्रभावित करेंगी. पहाड़ी इलाकों से आने वाली ठंडी हवाओं के बंद होते ही तापमान में तेजी से उछाल आने की संभावना जताई जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि इसके बाद कई जिलों में पारा 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
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मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य दोनों पर दिखाई देने लगा है. दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिलना मुश्किल हो सकता है.
लखनऊ समेत कई जिलों में चली तेज धूलभरी आंधी
बुधवार को राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली. दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए और कई इलाकों में तेज धूलभरी आंधी चली. मौसम विभाग के अनुसार कुछ जगहों पर हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई. खराब मौसम को देखते हुए विभाग ने रेड अलर्ट भी जारी किया था.
हालांकि यह बदलाव ज्यादा देर तक नहीं रहा और कुछ घंटों बाद मौसम फिर सामान्य हो गया. कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई, जबकि कुछ जगहों पर केवल तेज हवाओं का असर देखने को मिला.
चक्रवाती सिस्टम और गर्म हवाओं से बदला मौसम
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवाओं के टकराव के कारण यह स्थिति बनी. इसी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक बादल, तेज हवा और हल्की बारिश का असर देखने को मिला. हालांकि यह बदलाव अस्थायी माना जा रहा है और अगले कुछ दिनों में मौसम फिर पूरी तरह शुष्क हो जाएगा.
अगले एक सप्ताह तक शुष्क रहेगा मौसम
India Meteorological Department के अनुसार अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के मुताबिक पछुआ हवाओं का प्रभाव बढ़ने से वातावरण में मौजूद नमी खत्म होने लगेगी और तापमान तेजी से ऊपर जाएगा. खासतौर पर दक्षिणी उत्तर प्रदेश में लू चलने की संभावना जताई गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सप्ताह के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. फिलहाल जो तापमान सामान्य से थोड़ा कम बना हुआ है, वह जल्द ही सामान्य से ऊपर पहुंच सकता है.
‘नौतपा’ को लेकर बढ़ी चिंता
25 मई से शुरू होने वाला नौतपा इस बार लोगों की चिंता बढ़ा रहा है. मान्यता है कि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद लगातार नौ दिनों तक अत्यधिक गर्मी पड़ती है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार नौतपा के दौरान गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है. ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष के शुरुआती नौ दिनों में पड़ने वाली यह भीषण तपिश लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है. दोपहर में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है और कई जिलों में हीटवेव की स्थिति गंभीर रूप ले सकती है.
पश्चिमी यूपी में भी बढ़ेगा तापमान
गाजियाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी अगले कुछ दिनों में तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार 14 और 15 मई को हल्के बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन इसके बाद मौसम साफ हो जाएगा और गर्मी का असर बढ़ने लगेगा.
यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. इससे रात के समय भी उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है. 17 मई के बाद गर्मी का असर और तेज होने की संभावना जताई गई है.
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बदलते मौसम का सेहत पर असर
तेजी से बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है. बारिश और फिर अचानक बढ़ती गर्मी के कारण तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर देखा जा रहा है. डॉक्टरों के अनुसार इस बदलाव से शरीर की मांसपेशियों में सिकुड़न और फैलाव हो रहा है, जिससे बदन दर्द, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं.
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि बारिश के बाद बढ़ी उमस के कारण संक्रामक रोगों और पेट संबंधी संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है. अस्पतालों में वायरल फीवर, बदहजमी और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है.


