मुंबई: महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए तीन बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर काम तेज होने वाला है. नागपुर-गोंदिया, भंडारा-गढ़चिरौली और नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के मुताबिक, इन परियोजनाओं के लिए अगले दो सप्ताह में नए टेंडर जारी किए जाएंगे.
इन तीनों एक्सप्रेसवे को मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे के विस्तार के तौर पर विकसित किया जा रहा है. महाराष्ट्र कैबिनेट इन परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण हेतु HUDCO से लोन लेने को पहले ही मंजूरी दे चुकी है. वहीं, नवेगांव मोरे-सुरजागढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे भी क्षेत्र की कनेक्टिविटी और औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना है.
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नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेसवे: 3 घंटे का सफर 75 मिनट में
162 किलोमीटर लंबा नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेसवे करीब 3,162 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा. इसके तैयार होने के बाद नागपुर से गोंदिया का सफर करीब 75 मिनट में पूरा होने की उम्मीद है. मौजूदा मार्ग से यात्रा में तीन घंटे से अधिक समय लग सकता है. यह एक्सप्रेसवे नागपुर, भंडारा और गोंदिया जिलों के 10 तालुका और 115 गांवों से होकर गुजरेगा. परियोजना में 26 फ्लाईओवर, 8 अंडरपास, 15 बड़े पुल, 63 छोटे पुल और 71 नहर क्रॉसिंग बनाए जाने का प्रस्ताव है.
भंडारा-गढ़चिरौली एक्सप्रेसवे: 2 घंटे में सफर
94 किलोमीटर लंबा भंडारा-गढ़चिरौली एक्सप्रेसवे करीब 931.15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जाएगा. इसके बनने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब 75 मिनट तक कम होने की उम्मीद है. यह फोर-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भंडारा, लाखांदूर, ब्रह्मपुरी, आरमोरी और गढ़चिरौली जैसे इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा. परियोजना के पूरा होने के बाद भंडारा से गढ़चिरौली की दूरी और यात्रा समय दोनों में कमी आएगी.
नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे: 4 घंटे का सफर 2 घंटे में
204 किलोमीटर लंबा नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेसवे फोर-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जा रहा है. इसके बनने के बाद नागपुर से चंद्रपुर की यात्रा करीब 2 घंटे में पूरी होने की उम्मीद है. फिलहाल इस दूरी को तय करने में करीब चार घंटे लग सकते हैं. परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का अनुमान है. एक्सप्रेसवे बनने से नागपुर और चंद्रपुर के बीच तेज और सुगम सड़क संपर्क विकसित होने की उम्मीद है.
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नवेगांव मोरे-सुरजागढ़ हाईवे से उद्योगों को फायदा
इन परियोजनाओं के अलावा नवेगांव मोरे-सुरजागढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे भी विदर्भ के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह क्षेत्र के प्रस्तावित स्टील प्लांट और खनन गतिविधियों से जुड़े परिवहन को बेहतर कनेक्टिविटी देने में मदद कर सकता है.
- नागपुर-गोंदिया: 162 किमी लंबा मार्ग, ₹3,162 करोड़ की लागत से 75 मिनट में सफर पूरा करेगा.
- भंडारा-गढ़चिरौली: ₹931.15 करोड़ की लागत वाला 94 किमी का एक्सप्रेसवे, यात्रा का समय घटाकर 2 घंटे कर देगा.
- नागपुर-चंद्रपुर: 204 किमी लंबा 4-लेन एक्सप्रेसवे, जिसके दिसंबर 2028 तक पूरा होने का अनुमान है
इन परियोजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ विदर्भ में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है.


