जिनेवा: स्विट्जरलैंड के जिनेवा प्रेस क्लब में Baloch National Movement (BNM) की ओर से Balochistan International Conference का आयोजन किया गया. सम्मेलन का विषय “Occupied Balochistan at the Crossroads: Human Rights, Justice and the Struggle for Freedom” रखा गया. कार्यक्रम में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, राजनीतिक विशेषज्ञों, पत्रकारों, सांसदों और विभिन्न देशों से आए अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. BNM के अनुसार सम्मेलन का आयोजन 24 सितंबर 2026 को किया गया.
यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में बनेगा 2 KM लंबा 4 लेन एलिवेटेड रोड, GT Road के जाम से मिलेगी राहत
जूबैर बलोच को दी गई श्रद्धांजलि
सम्मेलन में वकील, मानवाधिकार कार्यकर्ता और Baloch Students Organisation (BSO) के पूर्व अध्यक्ष जूबैर बलोच को श्रद्धांजलि दी गई. BNM और उससे जुड़े संगठनों ने उन्हें बलूच राजनीतिक और मानवाधिकार मुद्दों पर सक्रिय आवाज के रूप में प्रस्तुत किया है. अक्टूबर 2025 में BSO और BSO-Pajjar की ओर से भी जूबैर बलोच और निसार जान बलोच की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी. BNM के सदस्य फहीम बलोच ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य जूबैर बलोच को सम्मान देना और बलूच लोगों से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखना था.
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में विभिन्न देशों से आए प्रतिभागियों ने बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और अन्य मुद्दों पर चर्चा की तथा संयुक्त राष्ट्र के स्तर पर अधिक निगरानी और तथ्य-जांच की जरूरत बताई.
संयुक्त राष्ट्र से फैक्ट-फाइंडिंग मिशन की मांग
फहीम बलोच के मुताबिक, प्रतिभागियों ने संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान की स्थिति को लेकर विशेष फैक्ट-फाइंडिंग मिशन भेजने की मांग की. उनका कहना था कि ऐसे मिशन क्षेत्र का दौरा कर वहां मानवाधिकारों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच कर सकते हैं. BNM ने सम्मेलन को अपने व्यापक अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बताया है. संगठन के अनुसार, इस अभियान के दौरान मानवाधिकार, जबरन गुमशुदगी, राजनीतिक स्वतंत्रता और बलूचिस्तान की राजनीतिक स्थिति जैसे मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सामने उठाया जा रहा है.
बलूचिस्तान में लंबे समय से जारी विवाद
बलूचिस्तान में लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता और सशस्त्र संघर्ष की स्थिति रही है. क्षेत्र में जबरन गुमशुदगी, हिरासत, राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध और सुरक्षा अभियानों को लेकर मानवाधिकार संगठनों तथा बलूच राजनीतिक समूहों की ओर से आरोप लगाए जाते रहे हैं. दूसरी ओर, पाकिस्तान में सक्रिय बलूच अलगाववादी सशस्त्र समूहों ने सुरक्षा बलों और अन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभियान चलाए गए हैं. ऐसे में क्षेत्र में मानवाधिकार, सुरक्षा और बलूच राजनीतिक अधिकारों का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है.
BNM क्या कहता है?
Baloch National Movement (BNM) खुद को बलूच लोगों के राजनीतिक अधिकारों और आत्मनिर्णय के लिए काम करने वाला राष्ट्रवादी संगठन बताता है. संगठन स्वतंत्र बलूचिस्तान की मांग करता है और मानवाधिकार, राजनीतिक स्वतंत्रता तथा बलूच लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता है. जिनेवा सम्मेलन के जरिए BNM ने इन मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े मंचों तक पहुंचाने की कोशिश की. सम्मेलन के साथ संगठन ने 24 से 26 सितंबर तक जिनेवा में अन्य कार्यक्रमों, रैली और फोटो प्रदर्शनी की भी घोषणा की थीजिनेवा: स्विट्जरलैंड के जिनेवा प्रेस क्लब में Baloch National Movement (BNM) की ओर से Balochistan International Conference का आयोजन किया गया. सम्मेलन का विषय “Occupied Balochistan at the Crossroads: Human Rights, Justice and the Struggle for Freedom” रखा गया. कार्यक्रम में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, राजनीतिक विशेषज्ञों, पत्रकारों, सांसदों और विभिन्न देशों से आए अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. BNM के अनुसार सम्मेलन का आयोजन 24 सितंबर 2026 को किया गया.
जूबैर बलोच को दी गई श्रद्धांजलि
सम्मेलन में वकील, मानवाधिकार कार्यकर्ता और Baloch Students Organisation (BSO) के पूर्व अध्यक्ष जूबैर बलोच को श्रद्धांजलि दी गई. BNM और उससे जुड़े संगठनों ने उन्हें बलूच राजनीतिक और मानवाधिकार मुद्दों पर सक्रिय आवाज के रूप में प्रस्तुत किया है. अक्टूबर 2025 में BSO और BSO-Pajjar की ओर से भी जूबैर बलोच और निसार जान बलोच की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी. BNM के सदस्य फहीम बलोच ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य जूबैर बलोच को सम्मान देना और बलूच लोगों से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने रखना था.
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में विभिन्न देशों से आए प्रतिभागियों ने बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और अन्य मुद्दों पर चर्चा की तथा संयुक्त राष्ट्र के स्तर पर अधिक निगरानी और तथ्य-जांच की जरूरत बताई.
संयुक्त राष्ट्र से फैक्ट-फाइंडिंग मिशन की मांग
फहीम बलोच के मुताबिक, प्रतिभागियों ने संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान की स्थिति को लेकर विशेष फैक्ट-फाइंडिंग मिशन भेजने की मांग की. उनका कहना था कि ऐसे मिशन क्षेत्र का दौरा कर वहां मानवाधिकारों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच कर सकते हैं. BNM ने सम्मेलन को अपने व्यापक अंतरराष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बताया है. संगठन के अनुसार, इस अभियान के दौरान मानवाधिकार, जबरन गुमशुदगी, राजनीतिक स्वतंत्रता और बलूचिस्तान की राजनीतिक स्थिति जैसे मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सामने उठाया जा रहा है.
बलूचिस्तान में लंबे समय से जारी विवाद
बलूचिस्तान में लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता और सशस्त्र संघर्ष की स्थिति रही है. क्षेत्र में जबरन गुमशुदगी, हिरासत, राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध और सुरक्षा अभियानों को लेकर मानवाधिकार संगठनों तथा बलूच राजनीतिक समूहों की ओर से आरोप लगाए जाते रहे हैं. दूसरी ओर, पाकिस्तान में सक्रिय बलूच अलगाववादी सशस्त्र समूहों ने सुरक्षा बलों और अन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभियान चलाए गए हैं. ऐसे में क्षेत्र में मानवाधिकार, सुरक्षा और बलूच राजनीतिक अधिकारों का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है.
यह भी पढ़ें- यूपी में बसेंगे दो नए हाईटेक शहर, CM योगी ने किया शुभारंभ, 3 हजार से ज्यादा प्लॉट्स का रजिस्ट्रेशन शुरू
BNM क्या कहता है?
Baloch National Movement (BNM) खुद को बलूच लोगों के राजनीतिक अधिकारों और आत्मनिर्णय के लिए काम करने वाला राष्ट्रवादी संगठन बताता है. संगठन स्वतंत्र बलूचिस्तान की मांग करता है और मानवाधिकार, राजनीतिक स्वतंत्रता तथा बलूच लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता है. जिनेवा सम्मेलन के जरिए BNM ने इन मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े मंचों तक पहुंचाने की कोशिश की. सम्मेलन के साथ संगठन ने 24 से 26 सितंबर तक जिनेवा में अन्य कार्यक्रमों, रैली और फोटो प्रदर्शनी की भी घोषणा की थी.


