Gautam Buddha Nagar: गौतमबुद्ध नगर से अलीगढ़ तक अब विकास की नई इबारत लिखी जाने वाली है. Yamuna Expressway Industrial Development Authority यानी YEIDA ने 8000 हेक्टेयर में एक विशाल औद्योगिक गलियारा विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है. यह कॉरिडोर सीधेनोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा को अलीगढ़ के टप्पल-बाजना अर्बन नोड से जोड़ेगा. माना जा रहा है कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल सकती है.
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निवेशकों के लिए गोल्डन ज़ोन
एयरपोर्ट के आसपास तेजी से बढ़ती औद्योगिक संभावनाओं को देखते हुए YEIDA ने इस मेगा प्लान पर काम शुरू किया है. इस नए औद्योगिक गलियारे में इंडस्ट्रियल यूनिट्स, आधुनिक रिहायशी सेक्टर, होटल, लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउस विकसित किए जाएंगे. एयरपोर्ट और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के बीच स्थित होने के कारण यह इलाका निवेशकों के लिए गोल्डन ज़ोन बनकर उभर रहा है.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिलहाल यह क्षेत्र मास्टर प्लान 2041 में शामिल नहीं है, लेकिन इसकी रणनीतिक अहमियत को देखते हुए प्राधिकरण अब इसे योजनाबद्ध तरीके से विकसित करना चाहता है. अधिकारियों का मानना है कि यदि अभी विकास की रूपरेखा तय नहीं की गई तो आने वाले समय में अतिक्रमण और अव्यवस्थित शहरीकरण बड़ी समस्या बन सकता है.
YEIDA के सीईओ ने क्या बताया?
YEIDA के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस कॉरिडोर को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विकसित किया जाएगा. यहां उद्योगों के लिए बेहतर सड़क, बिजली, पानी और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे न केवल हजारों करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.
खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे तक
इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत इसकी शानदार कनेक्टिविटी होगी. एयरपोर्ट को एनएच-9 से जोड़ने वाली प्रस्तावित 130 मीटर चौड़ी सड़क को खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे तक आगे बढ़ाया जाएगा. वहीं साबौता तक प्रस्तावित 60 मीटर चौड़ी सड़क का विस्तार भी इसी औद्योगिक गलियारे से जोड़ा जाएगा. इससे माल परिवहन और यातायात दोनों बेहद आसान हो जाएंगे.
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उत्तर भारत का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब
सिर्फ सड़क ही नहीं, रेलवे नेटवर्क को भी इस परियोजना का मजबूत आधार बनाया जा रहा है. खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे के समानांतर प्रस्तावित रुंधी-चोला रेलवे कॉरिडोर को इस इंडस्ट्रियल बेल्ट से कनेक्ट किया जाएगा. सड़क, रेल और एयर तीनों माध्यमों की जबरदस्त कनेक्टिविटी इस क्षेत्र को उत्तर भारत का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब बना सकती है. जेवर एयरपोर्ट के आसपास जिस तेजी से विकास की रफ्तार बढ़ रही है, उसे देखते हुए यह नया औद्योगिक गलियारा आने वाले वर्षों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा इंजन साबित हो सकता है.


