PM SVANidhi Scheme: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोमवार को पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना के छह साल पूरे होने पर कहा कि इस योजना ने देशभर के लाखों रेहड़ी-पटरी और सड़क किनारे कारोबार करने वाले लोगों की जिंदगी बदल दी है. उन्होंने कहा कि इस योजना ने छोटे व्यापारियों को बिना गारंटी लोन, वित्तीय समावेशन और आगे बढ़ने के नए अवसर दिए हैं.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि PM SVANidhi योजना ने असंख्य स्ट्रीट वेंडर्स को नई ताकत दी है. उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि “विश्वास, सम्मान और सशक्तिकरण” का प्रतीक है. पीएम ने योजना के लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका परिश्रम और उद्यमशीलता देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है.
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क्या है PM SVANidhi योजना?
PM SVANidhi यानी “प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि” योजना जून 2020 में शुरू की गई थी. कोरोना महामारी के दौरान लाखों रेहड़ी-पटरी वालों का रोजगार प्रभावित हुआ था. ऐसे लोगों को दोबारा कारोबार शुरू करने के लिए सरकार ने यह विशेष माइक्रो-क्रेडिट योजना शुरू की थी.
इस योजना के तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को बिना किसी गारंटी के कार्यशील पूंजी (Working Capital) के लिए लोन दिया जाता है. समय पर लोन चुकाने वालों को अधिक राशि के अगले लोन की सुविधा भी मिलती है.
कितनी राशि का मिलता है लोन?
योजना के तहत शुरुआत में 10,000 रुपये तक का लोन दिया जाता है. पहली किश्त समय पर चुकाने के बाद लाभार्थी 20,000 रुपये और फिर 50,000 रुपये तक का बड़ा लोन लेने के पात्र बन सकते हैं.
इसके अलावा समय पर भुगतान करने पर 7% तक ब्याज सब्सिडी और डिजिटल भुगतान अपनाने पर कैशबैक जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं.
योजना से कितने लोगों को मिला लाभ?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार PM SVANidhi योजना के तहत अब तक 1.12 करोड़ से अधिक बिना गारंटी वाले लोन वितरित किए जा चुके हैं. इनकी कुल राशि 17,800 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है. योजना से 75 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स लाभान्वित हुए हैं.
रिपोर्ट्स के अनुसार योजना से जुड़े कई लाभार्थियों की औसत आय में लगभग 20% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. डिजिटल पेमेंट अपनाने से उनके कारोबार को भी फायदा मिला है.
डिजिटल इंडिया को भी मिला बढ़ावा
PM SVANidhi योजना का एक बड़ा उद्देश्य छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान से जोड़ना भी है. इसके तहत लाभार्थियों को UPI और अन्य डिजिटल माध्यमों से भुगतान लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इससे पारदर्शिता बढ़ी है और कई वेंडर्स की ग्राहक पहुंच भी मजबूत हुई है.
2030 तक बढ़ाई गई योजना
केंद्र सरकार ने इस योजना को मार्च 2030 तक जारी रखने का फैसला किया है. सरकार का मानना है कि इससे छोटे व्यापारियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.
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छोटे व्यापारियों के लिए क्यों अहम है यह योजना?
देश के करोड़ों लोग रेहड़ी, ठेला, फेरी और छोटे सड़क किनारे व्यवसायों से जुड़े हैं. ऐसे लोगों के पास अक्सर बैंक से लोन लेने के लिए गारंटी या पर्याप्त दस्तावेज नहीं होते. PM SVANidhi योजना उन्हें आसान वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनने का मौका देती है.
PM SVANidhi योजना के छह साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने इसे छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए परिवर्तनकारी योजना बताया है. करोड़ों रुपये के बिना गारंटी लोन, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा और वित्तीय समावेशन के जरिए यह योजना देश के लाखों छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी मदद साबित हुई है. आने वाले वर्षों में इसके विस्तार से और अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है.


