Azamgarh News: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने आजमगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क के संपर्क में रहकर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने का आरोप है. इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है.
आरोपी के बारे में
ATS के अनुसार गिरफ्तार युवक निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर गांव का निवासी मोहम्मद शेख पुत्र रेहान अहमद है. जांच एजेंसी का दावा है कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तान आधारित नेटवर्क और उसके संचालकों के संपर्क में था तथा युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा था.
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा तार
एटीएस ने आरोपी के कब्जे से एक 9 एमएम पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया है. एजेंसी के मुताबिक लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकवादी संगठनों से जुड़े तत्व सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाने की साजिश रच रहे हैं. इसके लिए धन का लालच और धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर उन्हें देशविरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा था.
हमले की योजना
जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क का संबंध पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि यह गिरोह भारत में विभिन्न व्यक्तियों और संस्थानों की रेकी कराने, चुनिंदा लोगों की हत्या करवाने, राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर हमले की योजना बनाने तथा सुरक्षा एजेंसियों को निशाना बनाने जैसी गतिविधियों के लिए लोगों को उकसा रहा था.
एटीएस की इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक निगरानी के दौरान मोहम्मद शेख का नाम सामने आया. जांच में पता चला कि वह व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से शहजाद भट्टी तथा उसके नेटवर्क के सदस्यों के संपर्क में था. बताया जा रहा है कि आरोपी को एक हार्डवेयर की दुकान से गिरफ्तार किया गया.
एटीएस के मुताबिक
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी न केवल खुद इस नेटवर्क से जुड़ा था, बल्कि आसपास के युवाओं को भी संगठन से जोड़ने का प्रयास कर रहा था. एटीएस के मुताबिक शहजाद भट्टी के अलावा अजमल गुजर और रजा पाकिस्तानी नामक हैंडलर भी उसे निर्देश दे रहे थे. एजेंसी का दावा है कि आरोपी को एक राजनीतिक दल की महिला नेता को धमकाने और उनकी हत्या की साजिश को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इसके बाद उसे किसी बड़े मिशन में शामिल किए जाने की योजना थी.
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हालांकि आरोपी के पिता और स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें उसकी कथित गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी. परिवार के अनुसार मोहम्मद शेख दुकान पर बैठता था और घर के कारोबार में हाथ बंटाता था. उन्होंने केवल इतना बताया कि वह मोबाइल का काफी इस्तेमाल करता था. फिलहाल एटीएस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है. साथ ही पूरे नेटवर्क, उसके संपर्कों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है. एजेंसी का मानना है कि जांच में इस नेटवर्क से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं.


