लखनऊ: उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क और भी मजबूत होने जा रहा है. योगी सरकार ने सूबे को रफ्तार देने के लिए दो और नए एक्सप्रेसवे—विंध्य एक्सप्रेसवे और मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे के प्रस्तावों को अंतिम रूप दे दिया है. जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इन परियोजनाओं के पूरा होने से पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और दक्षिणी यूपी के बीच यात्रा का समय करीब 40 फीसदी तक कम हो जाएगा.
पूर्वांचल, विंध्य और बुंदेलखंड बनेंगे ‘हाईस्पीड कॉरिडोर’
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के मुताबिक, विंध्य एक्सप्रेसवे मौजूदा नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी बनेगा. इसे गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज के आगे जोड़ते हुए वाराणसी, मिर्जापुर और सोनभद्र तक ले जाया जाएगा. इसके साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिर्जापुर होते हुए गाजीपुर तक एक नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा.
इस लिंक रोड के बनने से पूर्वांचल, विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र एक दूसरे से सीधे हाईस्पीड नेटवर्क के जरिए जुड़ जाएंगे. वहीं चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे पहले से ही इस क्षेत्र को कनेक्ट करने का काम करेगा.
पश्चिमी यूपी से उत्तराखंड जाना होगा आसान
दूसरी बड़ी परियोजना मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे की है. इसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के आगे हापुड़ से हरिद्वार तक विकसित किया जाएगा. इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism) और माल ढुलाई (Logistics) को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 400 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर आंकी गई है.
दूरी और लागत दोनों में आएगी कमी
इन दो नए एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आपस में पूरी तरह इंटरकनेक्टेड हो जाएंगे. अधिकारियों का मानना है कि इससे न सिर्फ आम जनता का समय बचेगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत घटने से व्यापार और उद्योगों को भी भारी फायदा होगा. इसके साथ ही यूपी देश का सबसे बड़ा इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन जाएगा.
मिर्जापुर-गाजीपुर लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी!
सफर का समय 40% तक होगा कम.
कैबिनेट में जल्द पेश होगा प्रस्ताव, DPR अंतिम दौर में.
इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत है इसकी इंटर-कनेक्टिविटी. विंध्य एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से प्रयागराज के बाद जोड़ा जाएगा, जो वाराणसी, मिर्जापुर और सोनभद्र तक जाएगा. वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गाजीपुर और मिर्जापुर को जोड़ने के लिए एक नया लिंक एक्सप्रेसवे बनेगा. नतीजा? पूर्वांचल, विंध्य और बुंदेलखंड… तीनों रीजन एक झटके में आपस में कनेक्ट हो जाएंगे.
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दूसरी तरफ, पश्चिमी यूपी को उत्तराखंड से जोड़ने के लिए हापुड़ से हरिद्वार तक नया एक्सप्रेसवे बनेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म को नए पंख लगेंगे. इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होते ही यूपी देश का सबसे बड़ा इंटरकनेक्टेड एक्सप्रेसवे स्टेट बन जाएगा.


