MP Weather Update 24 July 2026: मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और 24 जुलाई 2026, शुक्रवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भोपाल के ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा, गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है.
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मौसम प्रणाली क्यों बनी हुई है सक्रिय
IMD के अनुसार प्रदेश में कई मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जिसके कारण व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है.
- मानसून द्रोणिका औसत समुद्र तल पर जैसलमेर, कोटा, गुना, दमोह, डाल्टनगंज, कांथी होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है.
- पूर्व-पश्चिम शियर जोन लगभग 23 डिग्री उत्तर अक्षांश के आसपास पूर्वोत्तर अरब सागर से मणिपुर तक विस्तारित है.
- पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के ऊपर सक्रिय है.
- दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे लगे उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है.
इन्हीं मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी.
कहां सबसे ज्यादा बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी. कुछ स्थानों पर भारी और अति भारी वर्षा की संभावना भी जताई गई है.
| चेतावनी | प्रभावित जिले |
|---|---|
| अति भारी वर्षा, वज्रपात और 30-40 किमी/घंटा की तेज हवाएं | सीहोर, रायसेन, विदिशा |
| भारी वर्षा, वज्रपात और तेज हवाएं | मंदसौर, शिवपुरी, कटनी |
| कहीं-कहीं भारी वर्षा, वज्रपात और तेज हवाएं | बड़वानी, धार, उज्जैन, शाजापुर, सतना सहित कई जिले |
इन जिलों में बारिश का व्यापक असर
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, इंदौर, रतलाम, देवास, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, श्योपुरकलां, भिंड, सिंगरौली, सीधी, रीवा, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा सहित अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है.
भोपाल का मौसम कैसा रहेगा
भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहने का अनुमान है. गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी. हवा की गति लगभग 14 से 16 किमी प्रति घंटा रह सकती है. अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
लोगों पर क्या असर पड़ सकता है
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ना और कुछ स्थानों पर आवागमन प्रभावित हो सकता है. तेज हवाओं के कारण कमजोर पेड़ और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी रहेगी. वज्रपात की घटनाएं खुले क्षेत्रों में मौजूद लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकती हैं.
किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है. तेज बारिश और हवा के दौरान फसलों को नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करें. कृषि उपकरणों और उर्वरकों को सुरक्षित स्थान पर रखें. पशुओं को खुले मैदान की बजाय सुरक्षित शेड में रखें और पर्याप्त चारे एवं स्वच्छ पानी की व्यवस्था बनाए रखें.
क्या सावधानी बरतें
- खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
- गरज-चमक के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनते नालों को पार करने का प्रयास न करें.
- मोबाइल पर मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें.
- बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित भवन के भीतर रहें और खुले स्थान से तुरंत हट जाएं.
24 जुलाई 2026, शुक्रवार को मध्य प्रदेश में मानसून का प्रभाव व्यापक रहेगा. कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. ऐसे में नागरिकों, किसानों और यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है.
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स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र भोपाल.
FAQs
1. 24 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश किन जिलों में हो सकती है?
सीहोर, रायसेन और विदिशा में अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि मंदसौर, शिवपुरी और कटनी में भारी बारिश का अलर्ट है.
2. क्या भोपाल में भी तेज बारिश की संभावना है?
हां. भोपाल में गरज-चमक, वज्रपात के साथ वर्षा होने की संभावना है. दिनभर बादल छाए रहने का अनुमान है.
3. क्या तेज हवाओं की भी चेतावनी जारी हुई है?
हां. कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
4. किसानों को इस मौसम में क्या करना चाहिए?
खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें, कृषि उपकरण सुरक्षित स्थान पर रखें और पशुओं को खुले मैदान की बजाय सुरक्षित शेड में रखें.
5. वज्रपात के दौरान सबसे जरूरी सावधानी क्या है?
गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा सुरक्षित भवन के भीतर शरण लें.


