नई दिल्ली: देश के रेलवे नेटवर्क को बड़ी रफ्तार मिलने वाली है. केंद्रीय कैबिनेट ने देशभर में 7 नए हाई-डेंसिटी रेल नेटवर्क (HDN) कॉरिडोर विकसित करने को मंजूरी दी है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में इसकी जानकारी दी. इन कॉरिडोर के विकसित होने से देश के प्रमुख महानगरों के बीच यात्री और माल परिवहन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है. रेल मंत्री ने बताया कि करीब 11,000 किलोमीटर लंबे 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर को 4-लेन यानी क्वाड्रुपलिंग के स्तर पर विकसित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ये कॉरिडोर भविष्य में बढ़ने वाले रेल ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा संभालेंगे.
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रेलवे के 40% ट्रैफिक का भार इन कॉरिडोर पर
अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, ये 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर रेलवे के करीब 40 फीसदी ट्रैफिक को संभालते हैं. इनमें लगभग 2,000 किलोमीटर पहले ही 4-लेन हो चुका है, जबकि करीब 5,000 किलोमीटर पर काम चल रहा है या मंजूरी मिल चुकी है. बाकी लगभग 4,000 किलोमीटर को अंतिम मंजूरी मिलने की प्रक्रिया में बताया गया है.
कौन-कौन से हैं 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर?
- दिल्ली-हावड़ा (कोलकाता) HDN कॉरिडोर
- मुंबई-हावड़ा (कोलकाता) HDN कॉरिडोर
- दिल्ली-मुंबई HDN कॉरिडोर
- दिल्ली-गुवाहाटी HDN कॉरिडोर
- दिल्ली-चेन्नई HDN कॉरिडोर
- हावड़ा-चेन्नई HDN कॉरिडोर
- मुंबई-चेन्नई HDN कॉरिडोर
यूपी समेत इन राज्यों को मिलेगा बड़ा फायदा
- दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से कोलकाता के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी. कानपुर, प्रयागराज, पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर, पटना और आसनसोल जैसे प्रमुख शहर इससे जुड़ेंगे.
- दिल्ली-गुवाहाटी कॉरिडोर उत्तर भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा. यह मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर, छपरा, कटिहार और न्यू जलपाईगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक जाएगा.
- दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर मथुरा, कोटा, रतलाम, वडोदरा और सूरत जैसे शहरों को जोड़ते हुए देश की दो बड़ी आर्थिक राजधानियों के बीच रेल नेटवर्क को मजबूत करेगा.
उत्तर से दक्षिण तक तेज होगा रेल नेटवर्क
दिल्ली-चेन्नई कॉरिडोर आगरा, ग्वालियर, झांसी, भोपाल, नागपुर, बल्लारशाह और विजयवाड़ा को जोड़ते हुए चेन्नई तक जाएगा. वहीं हावड़ा-चेन्नई कॉरिडोर भुवनेश्वर, खुर्दा रोड, ब्रह्मपुर और विशाखापट्टनम जैसे शहरों से होकर गुजरेगा. मुंबई-चेन्नई कॉरिडोर पुणे, कल्याण, वाडी, गुंटकल और रेणिगुंटा को जोड़ते हुए चेन्नई तक पहुंचेगा.
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मालगाड़ियों की रफ्तार भी बढ़ेगी
सरकार के इस विस्तार का फायदा केवल यात्रियों को ही नहीं, बल्कि माल ढुलाई को भी मिलेगा. ज्यादा क्षमता वाले रेल कॉरिडोर बनने से औद्योगिक क्षेत्रों, बंदरगाहों और बड़े बाजारों के बीच माल की आवाजाही तेज होने की उम्मीद है. इससे रेलवे के मौजूदा व्यस्त रूट पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और भविष्य की बढ़ती मांग को संभालने में मदद मिल सकती है.


