पीलीभीत: जिले में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है. बीसलपुर क्षेत्र में गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे एक बड़े औद्योगिक हब को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है. इसके लिए करीब 110 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है. शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने जमीन और परियोजना से जुड़ी अन्य संभावनाओं की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने एसडीएम बीसलपुर से प्रस्तावित औद्योगिक हब के लिए उपलब्ध भूमि, कनेक्टिविटी और जरूरी संसाधनों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित होगा हब
प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर को प्लग एंड प्ले मॉडल पर विकसित करने की योजना है. इसका मतलब है कि उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को जरूरी आधारभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा, ताकि उन्हें उद्योग शुरू करने में ज्यादा समय और संसाधन न लगाना पड़े. प्रस्ताव में करीब 100 विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित किए जाने की बात भी सामने आई है. अलग-अलग क्षेत्रों के उद्योगों को यहां निवेश के लिए आकर्षित करने की कोशिश की जाएगी.
बीसलपुर को मिलेगा औद्योगिक पहचान का नया मौका
अब तक पीलीभीत में बड़ी विकास परियोजनाओं का फोकस मुख्य रूप से पूरनपुर, अमरिया और सदर क्षेत्र के आसपास रहा है. ऐसे में शाहजहांपुर सीमा से लगे बीसलपुर क्षेत्र को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने की यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है. प्रशासन की ओर से प्रस्तावित क्षेत्र में जमीन की उपलब्धता के साथ-साथ सड़क संपर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी आकलन किया जा रहा है. इन सभी पहलुओं को रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा.
एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी का मिलेगा फायदा
औद्योगिक हब के लिए चिह्नित जमीन की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे होना है. एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी मिलने से उद्योगों के लिए कच्चे माल को लाने और तैयार उत्पादों को दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है. इससे बीसलपुर क्षेत्र में नए उद्योगों के आने की संभावना बढ़ेगी. साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
पचपेड़ा के बाद बीसलपुर पर फोकस
पीलीभीत के पचपेड़ा क्षेत्र में औद्योगिक हब विकसित करने की पहल के बाद अब बीसलपुर को जिले के दूसरे बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है. इससे जिले के अलग-अलग हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश दिखाई दे रही है. डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशों के बाद प्रस्तावित स्थल पर भूमि और अन्य आवश्यक संसाधनों का ब्योरा जुटाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे के किनारे 110 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है, जिस पर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है.
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