Moradabad News: उत्तर प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है. गाजियाबाद से सीतापुर तक तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना के लिए मुरादाबाद में जमीन चिह्नित कर ली गई है. जिले के 47 गांवों की 190.53 हेक्टेयर जमीन इस परियोजना की जद में आएगी. रेलवे ने फाइनल सर्वे के आधार पर गाटा संख्या समेत जमीन का ब्योरा जिला प्रशासन को सौंप दिया है. अब राजस्व विभाग जमीन के रिकॉर्ड का मिलान कर भूमि स्वामियों की पहचान करेगा. इसके बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
यह भी पढ़ें- Aligarh Ring Road: अलीगढ़ रिंग रोड के लिए 37 गांवों की 357 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहित, जानें कहां-कहां से गुजरेगा हाईवे
14,926 करोड़ रुपये की है रेल परियोजना
गाजियाबाद से मुरादाबाद, बरेली होते हुए सीतापुर तक करीब 403 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जानी है. इस परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल चुकी है. इसकी अनुमानित लागत करीब 14,926 करोड़ रुपये है. नई रेल लाइन बनने से मौजूदा दिल्ली-लखनऊ रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए अतिरिक्त रेल मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे रेलवे की यातायात क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी.
मुरादाबाद में 47 गांवों की जमीन चिह्नित
रेलवे की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, मुरादाबाद जिले में कुल 190.53 हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है. इसमें सदर तहसील के 36 और बिलारी तहसील के 11 गांव शामिल हैं. चिह्नित भूमि में 9.8 हेक्टेयर सरकारी और 79.93 हेक्टेयर निजी जमीन शामिल बताई गई है. बाकी भूमि की स्थिति का निर्धारण राजस्व अभिलेखों के सत्यापन के बाद किया जाएगा. रेलवे ने प्रत्येक चिह्नित जमीन का गाटा नंबर भी अपनी रिपोर्ट में दर्ज किया है. अब राजस्व विभाग खसरा-खतौनी से इन गाटा संख्याओं का मिलान करेगा. इससे जमीन के मालिकाना हक और भूमि की प्रकृति की पुष्टि की जाएगी.
पहले रिकॉर्ड का सत्यापन, फिर होगा भूमि अधिग्रहण
परियोजना के लिए जमीन चिह्नित होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर रिकॉर्ड की जांच की जाएगी. तहसीलों में राजस्व अभिलेखों का मिलान कर यह पता लगाया जाएगा कि कौन-सी जमीन किस व्यक्ति के नाम दर्ज है और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए हो रहा है. सरकारी जमीन की पहचान अलग से की जाएगी. इसके बाद संबंधित नियमों के तहत निजी और अन्य श्रेणियों की भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
जिला विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी युवराज सिंह के मुताबिक, नई रेल परियोजना के लिए सर्वे रिपोर्ट मिल गई है. तहसील स्तर पर गाटा संख्या का मिलान कर रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
इन गांवों से होकर गुजरेगी नई रेल लाइन
परियोजना के लिए मुरादाबाद जिले की सदर और बिलारी तहसीलों के गांवों की जमीन चिह्नित की गई है. सदर तहसील के 36 गांव जिसमें गजगोला नानकबाड़ी, महलकपुर माफी, बकैनियान, हसमपुर गोपाल, समाथल, लोधीपुर राजपूत, बागड़पुर, चक गिंदौड़ा, गिंदौड़ा, उमरी, अक्का पत्तू हाफिजपुर, जैतपुर बिसाहट, चमरपुरा दान, चमरौआ, दलपतपुर, दलौरा, देवलारी, देवापुर एहतमाली, देवापुर खास, धतूरा मैगा नगला एहतमाली, धतूरा मैगा नगला, डिलारी, डिल्ला रायपुर, गनेशघाट, हरसेनपुर, जगतपुर रामराय, जगतपुर रामराय एहतमाली, कल्लानपुर, मछरिया, मूंढापांडे, चकदेह सिन्हा, नियामतपुर इकरौटिया, सिहारिया, सिहोराबाजे और सिरसा इनायतपुर का नाम शामिल है. वहीं बिलारी तहसील के 11 गांवों की जमीन चिह्नित की गई है. रुस्तमपुर सराय, वीरपुर, सब्जीपुर, अजमतपुर, मालीपुर, रतनपुर कलां, फरीदपुर, हमीरपुर, मोहम्मदपुर बस्तौर, नानपुर और ऊंचाकानी का नाम है.
नए स्टेशन बनने से बढ़ेगी रेल यातायात की क्षमता
प्रस्तावित तीसरी और चौथी रेल लाइन के रास्ते में जरूरत के अनुसार नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे. अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से मौजूदा रेल मार्ग पर ट्रेनों के संचालन का दबाव कम करने में मदद मिलेगी. इससे यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के परिचालन के लिए भी अधिक क्षमता उपलब्ध हो सकेगी. फिलहाल, मुरादाबाद में जमीन चिह्नित करने के बाद अगला चरण राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया है. इसके पूरा होने के बाद परियोजना के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें- हिमाचल प्रदेश में बनेंगी फोरलेन 10 नई सुरंगें, NHAI की टीम करेगी निरीक्षण


