Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वच्छता प्रकोष्ठ, आवासीय परिसर के तत्वावधान में 30 दिवसीय व्यापक स्वच्छता उत्प्रेरक कार्यशाला शुभारम्भ केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में संकाय अध्यक्ष कला एवं मानविकी आचार्य, मृदुला मिश्रा द्वारा किया गया. विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से स्वच्छता प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य परिसर को स्वच्छ, सुंदर, पर्यावरण-अनुकूल तथा आदर्श शैक्षणिक वातावरण से युक्त बनाना है. यह महाअभियान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के “प्राकृत रमणीय परिसर” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वच्छता को केंद्र में रखकर एक व्यापक जनभागीदारी आधारित अभियान प्रारम्भ किया है, जिसमें हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ जीवनशैली को भी समान महत्व दिया जा रहा है. कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. मृदुला मिश्रा ने बताया कि स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के संस्कार, अनुशासन और सामाजिक चेतना का परिचायक है. स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करता है. उन्होंने सभी से स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया.
कार्यक्रम के संयोजक, स्वच्छता प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि “स्वच्छता केवल सौंदर्य का विषय नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय एवं मानवीय विकास की आधारशिला है. किसी भी संस्थान की पहचान उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ उसके स्वच्छ एवं अनुशासित वातावरण से भी होती है.” हमारा उद्देश्य केवल सफाई अभियान चलाना नहीं, बल्कि स्वच्छता को विश्वविद्यालय की संस्थागत संस्कृति के रूप में स्थापित करना है. स्वच्छ परिसर विद्यार्थियों में अनुशासन, जिम्मेदारी, उत्कृष्टता, पर्यावरणीय चेतना और राष्ट्रनिर्माण की भावना विकसित करता है.
प्रो. श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय को प्रदेश के सर्वाधिक स्वच्छ, सुंदर एवं आदर्श परिसरों में शामिल करने के लिए 30 दिवसीय विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है. इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय के सभी शैक्षणिक विभागों, छात्रावासों, शिक्षकों के आवासीय परिसरों, उद्यानों, खेल मैदानों तथा सार्वजनिक स्थलों पर चरणबद्ध रूप से विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाएगा. अभियान के अगले चरण में दिनांक 06-06-2026 को शिक्षक कॉलोनी में लगभग 70 सफाई कर्मियों की टीम आधुनिक उपकरणों के साथ व्यापक सफाई अभियान चलाएगी. साथ ही प्लास्टिक मुक्त परिसर, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता तथा जनसहभागिता से संबंधित विविध कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.
इस अवसर प्रो. सिद्धार्थ शुक्ला ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही ऐसे अभियान स्थायी सफलता प्राप्त कर सकते हैं. प्रो शैलेंद्र कुमार ने कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वस्थ समाज की आधारशिला है, और प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए.
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ, स्वस्थ, सुंदर एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे तथा स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे.
इस अवसर पर प्रमुख रूप से डॉ. अनिल कुमार सिंह, योगेश अग्रवाल, के.के. मिश्रा, महेंद्र पाल, रामनिवास, अमित वर्मा, पूजा मौर्य, पवन मौर्य, जितेंद्र यादव, साहिल, कमल, छोटू, खुशबू, रजनी, एराफ बेग, तौसीफ खान, अजय, आनंद तथा हरिलाल चौरसिया सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, कर्मचारी, सफाई कर्मी, शोधार्थी एवं सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.


