New Noida Update: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए ‘न्यू नोएडा’ (दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन – DNGIR) परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है. नोएडा प्राधिकरण ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 800 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है. इसके साथ ही, दादरी और खुर्जा के बीच आने वाले 80 गांवों की जमीन का अधिग्रहण इसी साल जून महीने से शुरू होने जा रहा है. इस कदम से क्षेत्र के किसानों की जमीन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं.
बजट और भूमि अधिग्रहण की शुरुआत:
दादरी-खुर्जा के बीच बनने वाले ‘न्यू नोएडा’ यानी दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन (DNGIR) के लिए नोएडा प्राधिकरण ने ₹800 करोड़ का भारी-भरकम बजट मंजूर कर दिया है. इस महा-परियोजना के लिए जून महीने से 80 गांवों की जमीन का अधिग्रहण कार्य आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रहा है, जिससे इस महत्वाकांक्षी नए शहर को बसाने की जमीनी प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी.
किसानों के लिए मुआवजा दर और पारदर्शी प्रक्रिया
परियोजना के तहत भूमि देने वाले किसानों को 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर की निश्चित दर से मुआवजे का भुगतान किया जाएगा. नोएडा प्राधिकरण ने यह स्पष्ट किया है कि पूरी जमीन का अधिग्रहण किसानों की आपसी सहमति के आधार पर ही किया जाएगा. इस पूरी प्रक्रिया को बिना किसी विवाद के पारदर्शी, निष्पक्ष और आसान बनाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया जा रहा है.
अबू धाबी मॉडल और मास्टर प्लान 2041
न्यू नोएडा परियोजना को ‘मास्टर प्लान 2041’ के दूरदर्शी रोडमैप के तहत चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है. इस आधुनिक शहर को वैश्विक स्तर के अबू धाबी के प्रसिद्ध औद्योगिक मॉडल की तर्ज पर डिजाइन किया जाएगा. इस विशेष क्षेत्र के दायरे में गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों के कुल 80 गांवों की उपजाऊ जमीन को शामिल किया गया है.
उद्योगों और विनिर्माण के लिए बड़ा आरक्षण
इस मेगा प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लगभग 40 प्रतिशत जमीन को विशेष रूप से भारी उद्योगों, हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और बड़े विनिर्माण क्षेत्रों के लिए आरक्षित रखा गया है. इसका मुख्य उद्देश्य देश-विदेश के बड़े निवेशकों को आकर्षित करना है, ताकि इस पूरे क्षेत्र को एक बहुत बड़े और आत्मनिर्भर इंडस्ट्रियल हब के रूप में बदला जा सके.
कनेक्टिविटी और रियल एस्टेट का गेम चेंजर
यह नया शहर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे स्थापित शहरों के साथ बेहतरीन और आधुनिक कनेक्टिविटी से पूरी तरह लैस होगा. एक्सप्रेसवे, शानदार चौड़ी सड़कों और लॉजिस्टिक हब के नेटवर्क के कारण यह क्षेत्र आने वाले समय में देश के सबसे बड़े औद्योगिक गलियारों में गिना जाएगा, जिससे स्थानीय रियल एस्टेट सेक्टर और व्यापारिक गतिविधियों को बहुत बड़ी मजबूती मिलेगी.
जेवर एयरपोर्ट का प्रभाव और भौगोलिक लाभ
न्यू नोएडा की सबसे रणनीतिक और मजबूत कड़ी इसकी भौगोलिक स्थिति को माना जा रहा है. यह पूरा क्षेत्र जेवर में बन रहे नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रत्यक्ष प्रभाव क्षेत्र (इन्फ्लुएंस ज़ोन) के अंतर्गत आता है. एयरपोर्ट के इतने नजदीक होने की वजह से वैश्विक निवेशकों और कॉर्पोरेट घरानों की रुचि इस क्षेत्र में बहुत तेजी से लगातार बढ़ती जा रही है.
रोजगार के अवसर और आर्थिक कायाकल्प
हाईटेक इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक सपोर्ट, आधुनिक आवासीय कॉलोनियों और व्यावसायिक सुविधाओं के संगम से बनने वाला न्यू नोएडा भविष्य में लाखों लोगों के लिए रोजगार और स्टार्टअप के नए रास्ते खोलेगा. एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का यह अनूठा त्रिकोण न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर को पूरी तरह बदल देगा बल्कि विकास का एक नया कीर्तिमान भी स्थापित करेगा.
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