Pakistan Terror Attack: खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत की सीमा के निकट स्थित झांगी पुलिस चौकी पर सोमवार को एक भीषण आतंकी हमला हुआ. विस्फोटकों से लदे एक संदिग्ध वाहन के चौकी से टकराने के बाद हुए जोरदार धमाके में कम से कम 5 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में राहत एवं बचाव कार्य जारी है.
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लकड़ी के वाहन में छिपा था बारूद, ढह गई दीवार
पुलिस द्वारा जारी शुरुआती बयान के मुताबिक, हमलावर वाहन में ऊपर लकड़ी लदी हुई थी, जिसके नीचे भारी मात्रा में विस्फोटक छिपाए गए थे. टक्कर के साथ ही हुआ विस्फोट इतना भीषण था कि पुलिस चौकी की बाहरी दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और वाहन खुद मलबे में तब्दील हो गया. सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल इस बात की जांच कर रही हैं कि यह एक आत्मघाती (सुसाइड) हमला था या फिर वाहन को रिमोट कंट्रोल के जरिए उड़ाया गया.
दावों में उलझा हमला: मिसाइल या कार बम?
आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. TTP का दावा है कि उन्होंने इस हमले को अपने हाल ही में लॉन्च किए गए ‘अल-फारूक’ मिसाइल के जरिए अंजाम दिया. हालांकि, पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां इस मिसाइल वाले दावे को संदिग्ध मान रही हैं. एजेंसियां इस कशमकश को सुलझाने में जुटी हैं कि हमला वास्तव में मिसाइल से हुआ है या विस्फोटक से लदी गाड़ी के जरिए. गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में दक्षिणी खैबर पख्तूनख्वा और बाजौर जिले में भी इसी तरह के कई हमलों के पीछे TTP का हाथ रहा है.
पाकिस्तान के हवाई हमलों का ‘पलटवार’!
यह हमला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के भीतर टीटीपी के ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के ठीक कुछ दिनों बाद हुआ है. सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार के अनुसार, पाक वायुसेना के सटीक हमलों में TTP के प्रशिक्षण केंद्र और गोला-बारूद भंडार तबाह कर दिए गए, जिसमें कमांडर अलीम खान खुशहाली और अख्तर मोहम्मद जानी खेल समेत 26 आतंकवादी मारे गए.अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाक के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में हवाई क्षेत्र का उल्लंघन कर आम नागरिकों के घरों पर बमबारी की. उनके मुताबिक, इस हमले में 11 बच्चों और महिलाओं समेत आम नागरिक मारे गए हैं.
‘खुले युद्ध’ की कगार पर दोनों देश
9 जून (मूसा दारा), 2 जून (उत्तरी वजीरिस्तान) और 9 मई (बन्नू) में हुए आतंकी हमलों के बाद पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच कड़वाहट चरम पर है. पाकिस्तान टीटीपी को ‘फितना-ए-ख्वारिज’ घोषित कर चुका है और काबुल पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाता है. पिछले साल अक्टूबर से दोनों देशों के बीच लगातार हिंसक झड़पें हो रही हैं. इसी साल फरवरी में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ ‘खुले युद्ध’ की स्थिति का ऐलान कर दिया था. हालांकि, सऊदी अरब, तुर्की और कतर की मध्यस्थता के बाद मार्च में ईद के मौके पर अस्थायी युद्धविराम हुआ था.
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