Agra Lucknow Expressway to Purvanchal Expressway: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे की राह अब लगभग साफ हो गई है. लखनऊ और उन्नाव के 43 गांवों के करीब तीन हजार किसानों ने अपनी जमीन देने पर सहमति दे दी है. इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है.
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लिंक एक्सप्रेसवे बनने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा. यात्रियों को लखनऊ शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों और ट्रैफिक जाम से नहीं गुजरना पड़ेगा. इससे यात्रा का समय कम होगा, ईंधन की बचत होगी और माल परिवहन भी अधिक सुगम एवं तेज हो सकेगा.
किसानों को मिलेगा सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को डीएम सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी प्रकार की दलाली या बिचौलियागिरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जल्द होगा जनता को समर्पित
करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण जल्द होने की संभावना है. इस परियोजना में 42 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड हिस्सा शामिल है. एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद दोनों प्रमुख शहरों के बीच यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी, जिससे व्यापार और उद्योग को भी लाभ मिलेगा.
कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने 112 किलोमीटर लंबे कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दे दी है. तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली यह परियोजना कानपुर, फतेहपुर और हमीरपुर को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगी. हाईवे बनने से बुंदेलखंड क्षेत्र में निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है.
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बाराबंकी-बहराइच हाईवे होगा फोर लेन
102 किलोमीटर लंबे बाराबंकी-बहराइच मार्ग को दो लेन से फोर लेन में विकसित किया जाएगा. इसके लिए केंद्र सरकार ने लगभग सात हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सड़क चौड़ी होने से यातायात सुगम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों के विकास को भी गति मिलेगी.


