Nepal Flood Update: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,355 हो गई है. इस भीषण आपदा में बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और सड़क, पुल, घर, जलविद्युत परियोजनाओं समेत कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है.
बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की याद में नेपाल में सोमवार को राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है. 3 सितंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय एवं मंत्रिपरिषद कार्यालय में हुई कैबिनेट बैठक में बाढ़ पीड़ितों के सम्मान में राष्ट्रीय शोक मनाने का फैसला लिया गया था. इसके तहत देशभर के सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ विदेशों में स्थित नेपाली दूतावासों और राजनयिक मिशनों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका हुआ है.
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भोटेकोशी बाढ़ से कई इलाकों में भारी नुकसान
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने रसुवा जिले में व्यापक तबाही मचाई. बाढ़ से मकानों, सड़कों, पुलों, जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा. इसके अलावा त्रिशूली नदी के निचले इलाकों, खासकर नुवाकोट और धादिंग के कुछ हिस्सों में भी इसका गंभीर असर पड़ा. कई इलाकों में लोगों को विस्थापित होना पड़ा है, जबकि परिवहन, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं. प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी एवं बचाव अभियान, राहत वितरण और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली का काम लगातार जारी है.
बाढ़ के बीच 13,391 लोगों को बचाया गया
प्रधानमंत्री बालेन्द्र (बालेन) शाह ने राष्ट्रीय शोक की पूर्व संध्या पर सुरक्षा बलों के राहत और बचाव कार्यों की सराहना की. उन्होंने बताया कि नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल (APF) के संयुक्त अभियानों के तहत अब तक 13,391 लोगों को हवाई और जमीनी माध्यम से सुरक्षित निकाला गया है.
वर्तमान में प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. नेपाली सेना के 9,287 जवान बट्टार और धुंचे में अभियान संभाल रहे हैं और देवघाट में अस्थायी पुल तैयार करने का काम भी कर रहे हैं. वहीं नेपाल पुलिस के 7,975 कर्मी तलाशी अभियान, शवों की बरामदगी और डॉग यूनिट के जरिए खोज अभियान में जुटे हैं. इसके अलावा APF के 4,203 जवान 13 राहत एवं प्रतिक्रिया बेस पर तैनात हैं. इनके पास डाइविंग यूनिट, रस्सी से बचाव करने वाली टीमें और ड्रोन निगरानी जैसी विशेषज्ञ क्षमताएं हैं.
82 सुरक्षाकर्मी अब भी लापता
प्रधानमंत्री शाह के मुताबिक बाढ़ के बाद 82 सुरक्षाकर्मी अब भी लापता हैं. इनमें नेपाली सेना के 45, नेपाल पुलिस के 25 और APF के 12 कर्मी शामिल हैं. उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान में जुटे सुरक्षाबलों, उनके परिवारों और विशेषज्ञों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार फील्ड में तैनात सुरक्षा कर्मियों को हरसंभव सहयोग देती रहेगी.
जेल में फंसे 923 कैदियों को सुरक्षित निकाला
प्रधानमंत्री ने नुवाकोट के बिदुर-6 स्थित सेंट्रल जेल में बाढ़ के दौरान हुए बचाव अभियान का भी उल्लेख किया. बाढ़ के पानी से जेल के प्रशासनिक ढांचे को नुकसान पहुंचा और आवासीय परिसर के निचले हिस्सों तक पानी पहुंच गया. इस दौरान नेपाल पुलिस और APF के 52 सुरक्षाकर्मियों ने सभी 923 कैदियों को परिसर के ऊंचे हिस्से में पहुंचाया. अधिकारियों के मुताबिक 50 कैदियों ने क्षतिग्रस्त बाहरी ढांचे से भागने की कोशिश की, जिन्हें दोबारा पकड़ लिया गया. इस दौरान कई सुरक्षाकर्मी घायल भी हुए.
सिल्क्यारा रेस्क्यू के विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स भी अभियान में
भारत के सिल्क्यारा सुरंग हादसे में 2023 में 41 फंसे मजदूरों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाने वाले ऑस्ट्रेलियाई टनल रेस्क्यू विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स भी नेपाल में राहत एवं बचाव प्रयासों में योगदान दे रहे हैं. डिक्स ने भोटेकोशी नदी के आसपास जारी अभियान को अपने पेशेवर जीवन की सबसे जटिल चुनौतियों में से एक बताया है. उनका कहना है कि नेपाल में एक साथ कई संभावित रेस्क्यू ऑपरेशन अलग-अलग स्थानों पर चल रहे हैं और हर जगह खतरे, अनिश्चितताएं और चुनौतियां अलग हैं. उन्होंने सिल्क्यारा अभियान का हवाला देते हुए कहा कि वहां एक जटिल बचाव अभियान पर पूरा ध्यान केंद्रित था, जबकि नेपाल में एक साथ कई संकट क्षेत्रों से निपटना पड़ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियों में उम्मीद को अनुशासन और संवेदना को कार्रवाई में बदलना जरूरी है.
भारत की टीमें भी राहत कार्यों में जुटीं
नेपाल में जारी राहत अभियान के बीच भारत की तकनीकी और फॉरेंसिक टीमें भी काम कर रही हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, चिलिमे सुरंग को साफ करने के लिए भारतीय तकनीकी टीम ने मैनुअल काम जारी रखा है और वहां भारी मशीनरी पहुंचाने के लिए अस्थायी रास्ता तैयार करने में प्रगति हुई है. यह अस्थायी ट्रैक अब करीब एक किलोमीटर लंबा हो चुका है. टीम ने सुरंग तक पहुंच बनाने के लिए रस्सी आधारित रास्ते पर भी काम शुरू कर दिया है. वहीं भारतीय फॉरेंसिक टीम काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में 400 से अधिक DNA नमूनों की जांच कर रही है. MEA के अनुसार, अब तक करीब 70 DNA प्रोफाइल तैयार किए जा चुके हैं.
विदेशी पत्रकारों के लिए नया नियम
नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्रों से रिपोर्टिंग करने वाले विदेशी मीडिया पत्रकारों के लिए भी नया निर्देश जारी किया है. अब इन क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के लिए विदेशी पत्रकारों को नेपाल के सूचना एवं प्रसारण विभाग (DoIB) से प्रेस मान्यता और पत्रकार पहचान पत्र प्राप्त करना होगा.
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गोरखा में नई बाढ़ का अलर्ट
इस बीच नेपाल के पहाड़ी जिले गोरखा में बुढीगंडकी नदी बेसिन के आसपास भी अलर्ट जारी किया गया है. चुमानुबरी ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड-4 और 2 से होकर बहने वाली थेरांग नदी में सोमवार सुबह बाढ़ आई. अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ में चार मकान और एक झूला पुल बह गया. इससे मनास्लु क्षेत्र में ट्रेकिंग करने वाले पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है. नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है. लगातार चुनौतीपूर्ण मौसम, मलबे और तेज पानी के बीच बचाव दल प्रभावित और दुर्गम इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.


