गुरुग्राम: गुरुग्राम का आईएमटी सोहना आने वाले वर्षों में शहर के नए औद्योगिक और शहरी विस्तार के रूप में उभर सकता है. हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (HSIIDC) करीब 1600 एकड़ में इसे विकसित कर रहा है. औद्योगिक टाउनशिप के साथ यहां 876 औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं. इनमें से 472 प्लॉट विभिन्न कंपनियों और कारोबारियों को आवंटित किए जा चुके हैं.
आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण आईएमटी सोहना को गुरुग्राम के नए औद्योगिक केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है. यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना है.
1600 एकड़ में तैयार हो रहा औद्योगिक शहर
केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत HSIIDC आईएमटी सोहना में औद्योगिक गतिविधियों के लिए आधारभूत ढांचा विकसित कर रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, 600 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है.
कुल 876 औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं. इनमें से 472 प्लॉट आवंटित हो चुके हैं. घरेलू और विदेशी निवेशकों की ओर से भी क्षेत्र में निवेश को लेकर रुचि दिखाई जा रही है.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे 300 करोड़
आईएमटी सोहना में सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज और ड्रेनेज जैसी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य उद्योगों को एक ही क्षेत्र में उत्पादन और कारोबार के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने से माल की आवाजाही और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी गतिविधियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और KMP के करीब
आईएमटी सोहना की रणनीतिक लोकेशन इसे खास बनाती है. यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, KMP एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के नजदीक है. प्रमुख एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी के कारण परिवहन, लॉजिस्टिक्स और निर्यात आधारित
उद्योगों के लिए यहां संभावनाएं बढ़ती हैं.
गुरुग्राम और मानेसर में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने के साथ जमीन की मांग भी बढ़ रही है. ऐसे में आईएमटी सोहना नए उद्योगों के लिए एक विकल्प के रूप में विकसित हो रहा है.
मेट्रो कनेक्टिविटी से और बदल सकती है तस्वीर
औद्योगिक इकाइयों के विस्तार के साथ क्षेत्र में कर्मचारियों और आबादी की आवाजाही बढ़ने की संभावना है. इसी को देखते हुए गुरुग्राम मेट्रो को भोंडसी से आगे आईएमटी सोहना तक ले जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है.
अगर भविष्य में मेट्रो कनेक्टिविटी मिलती है तो औद्योगिक क्षेत्र तक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ सकती है. इससे कर्मचारियों के साथ आसपास के निवासियों को भी आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है.
उद्योगों के साथ आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी
आईएमटी सोहना में औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ने से रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. इसके साथ आसपास आवासीय, व्यावसायिक और परिवहन सुविधाओं की मांग भी बढ़ सकती है.
यही वजह है कि आने वाले वर्षों में आईएमटी सोहना सिर्फ औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित न रहकर गुरुग्राम के विस्तारित शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित हो सकता है. हालांकि, इसे पूरी तरह नए शहर के रूप में विकसित होने में औद्योगिक निवेश, आवासीय विकास और परिवहन सुविधाओं का विस्तार अहम भूमिका निभाएगा.
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किन सेक्टरों को मिलेगा बढ़ावा?
आईएमटी सोहना में प्रमुख रूप से इन क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना है. इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल उपकरण, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), ऑटोमोबाइल पार्ट्स, टेक्सटाइल, विनिर्माण उद्योग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात आधारित गतिविधियां है.


