Aaj Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है. आने वाले तीन से चार दिनों तक बादलों की आवाजाही और बारिश की संभावना के कारण तापमान सामान्य रह सकता है. इससे हीटवेव और तेज गर्मी का असर कुछ समय के लिए कम होने की उम्मीद है.
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई राज्यों में मौसम बदलने वाला है. 15 से 17 मार्च के बीच बादलों की आवाजाही, आंधी, मेघगर्जन और कहीं-कहीं बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
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उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के कारण हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में मौसम प्रभावित होगा. इस दौरान कई क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की जा सकती है. साथ ही तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव से तापमान में हल्की गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है.
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी
पश्चिमी विक्षोभ का असर पहाड़ी क्षेत्रों में ज्यादा दिखाई दे रहा है. अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. इसके कारण पहाड़ों पर मौसम ठंडा बना रहेगा. हालांकि मैदानी इलाकों में अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसमी गतिविधियां
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार रविवार से मंगलवार तक दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखा जा सकता है. इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में आंधी-तूफान और तेज बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग का मानना है कि मौसम में यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों के शुरुआती संकेत हो सकते हैं.
महाराष्ट्र और गुजरात में बादलों की आवाजाही
देश के कई हिस्सों में जहां गर्मी और हीटवेव के संकेत मिल रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ क्षेत्रों में आसमान में बादलों की मौजूदगी देखने को मिल सकती है. इससे इन क्षेत्रों में तापमान में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
उत्तर प्रदेश में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश में भी अगले तीन दिनों तक मौसम में बदलाव का अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि यह असर राज्य के कुछ ही हिस्सों में दिखाई देगा. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम के इस बदलाव से किसानों में फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है.
इन जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, मेरठ, बिजनौर, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सहित कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी संभावना जताई गई है.
बुंदेलखंड और मध्य यूपी में कम असर
हालांकि बुंदेलखंड और मध्य उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में केवल बादलों की आवाजाही देखने को मिल सकती है. इन क्षेत्रों में फिलहाल बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है. राज्य में इस समय अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे कई स्थानों पर लू जैसे हालात बनने लगे हैं.
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली राहत
दिल्ली-एनसीआर में रविवार तड़के मौसम ने अचानक करवट ली. गरज-चमक के साथ हुई हल्की बारिश और ठंडी हवाओं से लोगों को गर्मी से राहत मिली.
मौसम में इस बदलाव के कारण पूरे एनसीआर का मौसम कुछ समय के लिए ठंडा और सुहावना हो गया.
दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है. वहीं नोएडा और गुरुग्राम के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां अगले दो दिनों तक बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना है.मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है. सोमवार को न्यूनतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. तेज हवाओं और बारिश के कारण वायु प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है. फिलहाल दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 के आसपास है, जो मध्यम श्रेणी में आता है.
बिहार में आंधी और बारिश का अलर्ट
बिहार में भी अगले दो से तीन दिनों के दौरान मौसम बदलने के संकेत मिले हैं. मौसम विभाग के अनुसार 15 से 17 मार्च के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य के कई जिलों में आंधी और बारिश हो सकती है. इन जिलों में पटना, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, शिवहर, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, सहरसा, खगड़िया, बांका, जमुई, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, गया और जहानाबाद शामिल हैं. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात का खतरा रहेगा.
हरियाणा और पंजाब में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर हरियाणा और पंजाब में भी दिखाई देगा. रविवार और सोमवार को इन राज्यों के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. आईएमडी ने दोनों राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है.
तापमान में गिरावट के आसार
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. इससे लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिल सकती है.
उत्तराखंड और कश्मीर में मौसम का असर
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में पहले से ही मौसम का असर देखने को मिल रहा है. चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में पिछले कई दिनों से बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां जारी हैं. मौसम विभाग के अनुसार अगले 72 घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और हल्की बारिश की संभावना है. इसके साथ ही कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है.
जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का दौर
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भी पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी जारी है. मौसम विभाग के अनुसार 16 मार्च से एक नए विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद अगले पांच दिनों तक मौसम और ज्यादा प्रभावित हो सकता है.
हिमाचल प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि
हिमाचल प्रदेश में पिछले कई दिनों से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. इसके कारण शिमला और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई है. कुल्लू, लाहौल और स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से मौसम ठंडा हो गया है. मौसम विभाग ने शिमला, कुल्लू और मंडी जिलों के लिए अगले 24 घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विभाग का अनुमान है कि 21 मार्च तक राज्य में हल्की बारिश और हिमपात की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
तमिलनाडु में प्री-मानसून के संकेत
दक्षिण भारत में भी प्री-मानसून गतिविधियों के संकेत मिल रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश हो सकती है. 16 मार्च को नीलगिरी और दक्षिणी जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि पुडुचेरी और कराईकल में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है.
देश में बढ़ रही गर्मी
देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. हालांकि हिमालयी राज्यों में बर्फबारी के कारण मौसम अभी भी ठंडा है, लेकिन मैदानी इलाकों में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है. उत्तर भारत, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और कई अन्य राज्यों में गर्मी का सिलसिला जारी है और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है.
हीटवेव क्या होती है
मार्च की शुरुआत से ही कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार जब मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाता है और यह सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री ज्यादा होता है, तब उसे हीटवेव की स्थिति माना जाता है. तटीय क्षेत्रों में यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी इलाकों में 30 डिग्री सेल्सियस तय की गई है.
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गर्मी से होने वाले खतरे
हीटवेव के दौरान शरीर में पानी की कमी, हीट क्रैम्प्स और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. तेज धूप में लंबे समय तक रहने से चक्कर आना, थकान और बेहोशी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पर्याप्त पानी पीना, धूप से बचाव करना और जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है.


