Vindhya Expressway update: उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का दायरा और बड़ा होने जा रहा है. गंगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बाद अब योगी सरकार विंध्य क्षेत्र (Vindhya Region) की तस्वीर बदलने की तैयारी में है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) एक नए और बेहद महत्वाकांक्षी ‘विंध्य एक्सप्रेसवे’ (Vindhya Expressway) पर काम कर रहा है.
330 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवेज
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की योजना के अनुसार विंध्य एक्सप्रेसवे लगभग 330 किलोमीटर लंबा होगा. इसका शुरुआती बिंदु प्रयागराज जिले की सोरांव तहसील के जुदादपुर दांडू गांव के पास प्रस्तावित है, जबकि इसका अंतिम छोर सोनभद्र जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-39 से जुड़ेगा. इस परियोजना से विंध्य क्षेत्र के कई जिलों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा.
गंगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका गंगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव होगा. गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मिलने के बाद विंध्य क्षेत्र से दिल्ली-एनसीआर तक का सफर काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा. अनुमान है कि वाहन चालक 8 से 9 घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे.
परियोजना के तहत मिर्जापुर के हमीदपुर क्षेत्र से करीब 107 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे भी प्रस्तावित है, जो चंदौली होते हुए गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार और झारखंड तक व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार
विंध्य एक्सप्रेसवे को शुरुआती चरण में 6 लेन का बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा. इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे. परियोजना में गंगा नदी पर बड़े पुल, सोनभद्र के पहाड़ी क्षेत्रों में सुरंगें, रेलवे ओवरब्रिज, इंटरचेंज और अंडरपास जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी.
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आर्थिक और औद्योगिक विकास को लगेंगे पंख
विंध्य और सोनभद्र का इलाका प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा से भरपूर है. इस एक्सप्रेसवे के बनने से सोनभद्र और मिर्जापुर के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे दिल्ली और पूर्वी भारत से रफ्तार मिलेगी. साथ ही, विंध्याचल और प्रयागराज आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन की राह भी आसान हो जाएगी.


