Aaj Ka Mausam: देशभर में बढ़ती गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है और बादलों की सक्रियता ने लोगों को बड़ी राहत दी है. पिछले कई दिनों से कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक अलग-अलग हिस्सों में हो रही मौसमी गतिविधियों का सीधा असर तापमान पर पड़ा है. यही कारण है कि अधिकांश राज्यों में लू (हीटवेव) का असर फिलहाल लगभग खत्म हो गया है.
मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते अगले 24 घंटों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है. इसके प्रभाव से राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार जैसे मैदानी राज्य भी प्रभावित हो रहे हैं.
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बुधवार तक कई राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान, झमाझम बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, स्काईमेट के अनुसार 8 अप्रैल से छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत में भी महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश के संकेत हैं.
उत्तर प्रदेश का मौसम: किसानों की बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश में मौसम का उतार-चढ़ाव किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गया है. पिछले तीन दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य के कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है. विशेष रूप से आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया और जालौन समेत बुंदेलखंड क्षेत्र में आंधी के साथ बारिश और ओले गिरने का खतरा है.
इसके अलावा कानपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, बिजनौर, संभल, अमरोहा और बदायूं जिलों में भी खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.
राजस्थान का मौसम: तापमान सामान्य से नीचे
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी है. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, आने वाले घंटों में भी बादल छाए रहने और आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है. लगातार मौसमी गतिविधियों के कारण पूरे राज्य में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है. तापमान की बात करें तो चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस और नागौर में न्यूनतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार जयपुर, भरतपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और शेखावाटी संभाग में गुरुवार तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है. इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि व बिजली गिरने की संभावना है. हालांकि, 10 अप्रैल से तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के संकेत हैं.
दिल्ली-एनसीआर का मौसम: राहत के साथ अलर्ट जारी
दिल्ली-एनसीआर में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ देखने को मिल रहा है. पिछले तीन दिनों से यहां बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने 7 और 8 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान तेज हवाओं, मेघगर्जन और बारिश की संभावना है.
अगले 24 घंटों में एक-दो बार आंधी-तूफान और तेज बारिश हो सकती है. 9 अप्रैल को भी आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है. अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. लगातार मौसम परिवर्तन के कारण हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और एक्यूआई 150 से नीचे पहुंच गया है, जिससे प्रदूषण से राहत मिली है.
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मध्य प्रदेश का मौसम: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है. आईएमडी के अनुसार, कई जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना है.
हाल के दिनों में आंधी और बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है.
नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अगले 24 से 36 घंटों में गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सतना, रीवा, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, विदिशा, राजगढ़, मंदसौर, नीमच समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है.
ग्वालियर, दतिया, भिंड और मुरैना में ओलावृष्टि का खतरा अधिक बना हुआ है. वहीं 11 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है.
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर: पहाड़ों पर मौसम खराब
हिमाचल प्रदेश में 9 अप्रैल तक मौसम खराब बना रहने की संभावना है. कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, शिमला, मंडी, सोलन और ऊना समेत कई जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
इसके साथ ही हल्की से मध्यम बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है. लगातार मौसम बदलाव के कारण ठंड का एहसास बना रहेगा. जम्मू-कश्मीर में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बारिश, बर्फबारी और ओले गिरने की संभावना है.
उत्तराखंड का मौसम: ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
उत्तराखंड में अगले तीन दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है. पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट बनी रहेगी और सुबह-शाम ठंड महसूस होगी. मैदानी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है.
दक्षिण भारत का मौसम: आंधी-बारिश और प्री-मानसून संकेत
दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना है. मन्नार की खाड़ी तक फैले निम्न दबाव क्षेत्र के कारण तमिलनाडु और पुडुचेरी में शुक्रवार तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है.
चेन्नई सहित कई शहरों में मध्यम बारिश से गर्मी से राहत मिल रही है. वहीं, पश्चिमी घाट और डेल्टा क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना है. हालांकि, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे आने वाले दिनों में लू की स्थिति बन सकती है.
देशभर में सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण फिलहाल गर्मी से राहत मिली हुई है. लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है. 10 अप्रैल के बाद कई राज्यों में तापमान फिर से बढ़ने के संकेत हैं. ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है.


