Bulandshahr Anupshahr State Highway: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है. बुलंदशहर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है कि अब अनूपशहर को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे के एक हिस्से को फोरलेन बनाया जाएगा. इस परियोजना से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है.
सहकारी नगर से आगे अनूपशहर तक बनेगा फोरलेन
अब तक इस मार्ग को सहकारी नगर तक ही फोरलेन बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर अनूपशहर तक फोरलेन किया जाएगा. सड़क चौड़ी होने से आबादी वाले क्षेत्रों में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी.
धार्मिक यात्राओं में भी मिलेगी राहत
यह मार्ग धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से भी बेहद अहम है. कांवड़ यात्रा, गंगा स्नान और बड़े पर्वों के दौरान इस रास्ते पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है. खासतौर परसिद्धबाबा गंगा घाट और अवन्तिका देवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की वजह से अक्सर लंबा जाम लग जाता है. रोजाना करीब 20 से 25 हजार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं. फोरलेन बनने के बाद यातायात सुगम होगा और यात्रा का समय भी कम हो जाएगा.
110 करोड़ रुपये की मंजूरी
लोक निर्माण विभाग की इस परियोजना के लिए यूपी सरकार ने लगभग 110 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है. सड़क के बीच डिवाइडर बनाया जाएगा और आधुनिक साइन बोर्ड व स्ट्रीट लाइट्स भी लगाई जाएंगी, जिससे सुरक्षा बढ़ेगी और हादसों में कमी आएगी.
50 से ज्यादा गांवों को मिलेगा फायदा
इस परियोजना का सीधा लाभ सड़क किनारे बसे कस्बों और 50 से अधिक गांवों को मिलेगा. करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों की आबादी को बेहतर सड़क और तेज यातायात की सुविधा मिलेगी.
अभी टू-लेन होने से लगता है जाम
फिलहाल बुलंदशहर-अनूपशहर मार्ग टू-लेन है, जिसके कारण वाहनों का दबाव अधिक रहता है और अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है. खासकर कार्तिक पूर्णिमा और शिवरात्रि जैसे पर्वों के दौरान शहर से लेकर हाईवे तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है.
दिल्ली-उत्तराखंड कनेक्टिविटी भी होगी बेहतर
यह मार्ग सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए भी अहम है. Delhi और एनसीआर से हल्द्वानी, नैनीताल, काशीपुर और रोहिलखंड क्षेत्र की ओर जाने वाले सैकड़ों वाहन इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं.
फोरलेन बनने के बाद यह सड़क दिल्ली और एनसीआर को उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला एक प्रमुख और सुगम मार्ग बन जाएगी. इससे यात्रा का समय लगभग 30–40 प्रतिशत तक कम हो सकता है और बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा.


