Traffic Challan in Lok Adalat: वाहन चलाते समय रेड लाइट जंप होना, ओवर-स्पीडिंग, बिना हेलमेट या बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने जैसे कारणों से अक्सर भारी-भरकम ट्रैफिक चालान कट जाता है. कई बार जाने-अनजाने में चालान की राशि इतनी अधिक हो जाती है कि आम नागरिक के लिए उसे चुकाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे मामलों में राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) आम जनता के लिए एक बड़ी राहत बनकर आती है.
लोक अदालत में आप अपने पेंडिंग चालान को जज या बेंच के सामने प्रस्तुत करके उसकी राशि को काफी हद तक कम करवा सकते हैं, और उचित कारण होने पर चालान पूरी तरह माफ भी हो सकता है.
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लोक अदालत में आवेदन करने के लिए जरूरी दस्तावेज
लोक अदालत में जाने से पहले आपके पास निम्नलिखित दस्तावेजों की मूल और फोटोकॉपी होना अनिवार्य है:
- पेंडिंग चालान की कॉपी: ई-चालान पोर्टल (echallan.parivahan.gov.in) से डाउनलोड की गई प्रिंटेड कॉपी.
- वाहन के कागजात: आरसी (RC), इंश्योरेंस पॉलिसी, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) और ड्राइविंग लाइसेंस (DL).
- पहचान पत्र (Govt ID Proof): आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस.
- लोक अदालत टोकन / स्लिप: ऑनलाइन बुकिंग के बाद जनरेट हुई डाउनलोड की गई अपॉइंटमेंट स्लिप.
लोक अदालत में आवेदन और टोकन बुकिंग की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन साल में 3 से 4 बार (राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा घोषित तिथियों पर) किया जाता है. इसमें भाग लेने के लिए आपको पहले से टोकन बुक करना होता है:
- नेशनल लोक अदालत की तारीख का पता लगाएं
सबसे पहले अपने राज्य की विधिक सेवा प्राधिकरण (State Legal Services Authority – SLSA) की आधिकारिक वेबसाइट या समाचार पत्रों के माध्यम से आगामी लोक अदालत की तारीख जान लें. - ऑनलाइन पोर्टल पर जाएं
लोक अदालत से 3-4 दिन पहले राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का पोर्टल (जैसे दिल्ली के लिए notice.vcourts.gov.in या संबंधित राज्य का पोर्टल) टोकन बुकिंग के लिए खोला जाता है. - टोकन के लिए रजिस्ट्रेशन करें
पोर्टल पर जाकर अपना वाहन नंबर (Vehicle Number) या चालान नंबर दर्ज करें.
आपके पेंडिंग चालान की लिस्ट स्क्रीन पर आ जाएगी.
जिन चालानों को आप लोक अदालत में ले जाना चाहते हैं, उन्हें सेलेक्ट करें.
अपनी सुविधानुसार कोर्ट परिसर (Court Complex) और समय (Time Slot) का चयन करें. - टोकन प्रिंटआउट डाउनलोड करें
अपॉइंटमेंट स्लॉट बुक होने के बाद एक टोकन/स्लिप जनरेट होगी. इसका प्रिंटआउट निकाल लें. इस स्लिप पर कोर्ट रूम नंबर, जज का नाम और पहुंचने का समय लिखा होता है. - निर्धारित तिथि को कोर्ट में उपस्थित हों
तय की गई तारीख और समय पर संबंधित कोर्ट रूम में जाएं. वहाँ जज या लोक अदालत के अधिकारी आपके मामले की सुनवाई करेंगे.
लोक अदालत में चालान कैसे कम या माफ होता है?
- अधिकारी के सामने पक्ष रखें: जब आपका नंबर आए, तो जज के सामने शालीनता से अपनी बात रखें. यदि आपकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, या किसी आपातकालीन स्थिति (जैसे मेडिकल इमरजेंसी) के कारण नियम टूटा था, तो उसका प्रमाण दिखाएं.
- आपसी सहमति से फैसला: जज स्थिति की समीक्षा करने के बाद चालान की राशि को 50% से 80% तक कम कर देते हैं. कई मामलों में (यदि पहली गलती हो या वैलिड रीजन हो) चालान पूरी तरह माफ भी कर दिया जाता है.
- तुरंत भुगतान और रसीद: घटाई गई राशि का भुगतान आपको वहीं कोर्ट में करना होता है और आपको तुरंत ‘NOC’ व चालान निपटान (Settlement) की रसीद मिल जाती है.
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ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
कमर्शियल और गंभीर अपराधों पर नियम अलग हैं: शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk and Drive), पुलिसकर्मी से हाथापाई या गंभीर दुर्घटना से जुड़े चालान आमतौर पर लोक अदालत में सीधे कम नहीं किए जाते.
- सीमित टोकन व्यवस्था: ऑनलाइन टोकन बहुत सीमित होते हैं और कुछ ही मिनटों में भर जाते हैं. इसलिए जैसे ही पोर्टल खुले, तुरंत टोकन बुक कर लें.
- समय पर पहुंचें: लोक अदालत वाले दिन काफी भीड़ होती है, इसलिए अपने तय समय से कम से कम 30 मिनट पहले कोर्ट परिसर पहुंचें.


